Dubai का बड़ा ऐलान, बिना स्पॉंसर और जॉब ऑफर के अब भारत के लोग सीधे जा सकेंगे नौकरी ढूंढने.

दुबई में नौकरी की तलाश करने वाले हुनरमंद लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। जनरल डायरेक्टर ऑफ रेजिडेंसी एंड फॉरेनर्स अफेयर्स यानी GDRFA ने एक नया सिंगल-एंट्री जॉब एक्सप्लोरेशन विजिट वीजा शुरू किया है। इस नई पहल के तहत भारत और पाकिस्तान समेत कई अन्य देशों के योग्य पेशेवर अब बिना किसी स्पॉंसर या पहले से मिले जॉब ऑफर के सीधे संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में प्रवेश कर सकेंगे। इस वीजा की मदद से लोग वहां जाकर अपनी पसंद की नौकरी की तलाश कर सकते हैं। यह उन तमाम युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है जो विदेश में जाकर अपने करियर को नई उड़ान देना चाहते हैं और अब तक रिमोट इंटरव्यू के भरोसे बैठे रहते थे।
किसे मिलेगा यह नया वीजा और क्या हैं नियम
यह विशेष वीजा केवल उन पेशेवर लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है जिन्हें स्किल लेवल 1, 2 या 3 के तहत श्रेणीबद्ध किया गया है। इसके अलावा दुनिया के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों से पिछले दो साल के भीतर अपनी डिग्री पूरी करने वाले ताजा ग्रेजुएट छात्र भी इसके लिए पात्र माने जाएंगे। इस वीजा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास कम से कम बैचलर डिग्री यानी स्नातक की डिग्री या उसके समकक्ष कोई अन्य योग्यता होना अनिवार्य किया गया है। आवेदन करने की प्रक्रिया को बेहद आसान रखा गया है ताकि किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आवेदन करने का तरीका और जरूरी दस्तावेज
जो भी उम्मीदवार इस वीजा के लिए आवेदन करना चाहते हैं उन्हें ICP Smart Services या फिर GDRFA Dubai के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करना होगा। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपना पासपोर्ट, एक रंगीन फोटोग्राफ और अटेस्टेड यानी सत्यापित डिग्री जमा करनी होगी। इस वीजा के लिए सरकार द्वारा तय किया गया शुल्क भी निर्धारित किया गया है। 60 दिन के वीजा के लिए लगभग AED 1,495 का शुल्क देना होगा और इसके साथ ही AED 1,025 की राशि रिफंडेबल यानी वापसी योग्य सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा करनी होगी।
कितने दिनों तक रुक सकेंगे और क्या है इसका उद्देश्य
इस वीजा की अवधि शुरुआत में 60, 90 या फिर 120 दिनों के लिए तय की गई है। जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे बढ़ाकर कुल 180 दिनों तक भी किया जा सकता है। अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि यह वीजा पूरी तरह से केवल जॉब इंटरव्यू और प्रोफेशनल नेटवर्किंग के लिए ही बनाया गया है, न कि इस पर सीधे तौर पर नौकरी करने की अनुमति है। एक बार जब कोई व्यक्ति अपनी पसंद की नौकरी ढूंढ लेता है, तो संबंधित नियोक्ता यानी कंपनी की यह जिम्मेदारी होगी कि वह आवेदक के स्टेटस को एम्प्लॉयमेंट रेजिडेंसी में बदलवाए। इस पूरी जानकारी के बारे में GDRFA Dubai, Gulf Today, Gulf News और आधिकारिक u.ae पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट दी गई है।