Dubai में लेबर कैंप के लिए नया नियम लागू, हर मजदूर को मिलेगी 3.7 वर्ग मीटर जगह.

दुबई नगरपालिका ने कामगारों के लिए आवास के नियमों में बड़ा बदलाव किया है जिसका सीधा असर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले लाखों प्रवासियों पर पड़ेगा। Dubai Municipality की तरफ से जारी नए और सख्त निर्देशों के अनुसार अब लेबर कैंपों में हर एक मजदूर के पास सोने के लिए कम से कम 3.7 square meters की व्यक्तिगत जगह होना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नया नियम 19 September 2026 से पूरी तरह लागू हो गया है और इससे पूरे अमीरता में बने लेबर कैंपों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
अल क्वोज, सोनापुर और जेबेल अली जैसे प्रमुख इलाकों में रहने वाले हजारों कम आय वाले श्रमिकों के लिए यह अपडेट काफी राहत भरा और जीवनस्तर सुधारने वाला साबित होगा। अधिकारियों ने इस कदम को उठाने से पहले कुल 1,417 buildings का बारीकी से सर्वेक्षण किया था जिसके बाद जाकर 19 model accommodation facilities को आधिकारिक तौर पर मान्यता प्रदान की गई। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य कामगारों को रहने के लिए बेहतर और मानवीय सुविधाएं देना है ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी कुछ आसान हो सके।
नया फर्श क्षेत्र और खुली जगह का नियम
नए मानकों के तहत अब हर व्यक्ति के लिए कुल फर्श क्षेत्र यानी total floor area की आवश्यकता 8.9 से लेकर 10.3 square meters के बीच तय की गई है। इसके अलावा नियमों में यह भी साफ किया गया है कि लेबर कैंप के भीतर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से 0.75 से लेकर 1.5 square meters तक की जगह खुली हवा और मनोरंजन के लिए यानी outdoor and recreational space के रूप में छोड़नी ही होगी।
बता दें कि यह नया दिशा-निर्देश मूल रूप से साल 2020 में बनाए गए नियमों का ही एक उन्नत और संशोधित रूप है जिसे अब प्रशासन बहुत ही सख्ती के साथ जमीन पर उतार रहा है। इस कड़ी कार्रवाई के बाद अब तमाम कंपनियों और कैंप मालिकों पर दबाव बढ़ गया है कि वे या तो अपने बड़े कमरों के लेआउट में बदलाव करें या फिर नियमों के मुताबिक नए आवासों का निर्माण करवाएं ताकि तय किए गए कोटे का पूरी तरह पालन हो सके।