दुबई पुलिस ने फर्जी गूगल रिव्यू गिरोह को पकड़ा, कंपनी को बदनाम करने की साजिश

दुबई: दुबई पुलिस ने कुछ लोगों के एक समूह को गिरफ्तार किया है, जिन पर एक कंपनी के गूगल मैप्स पेज पर योजनाबद्ध तरीके से झूठे और नकारात्मक रिव्यू डालने का आरोप है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को इस कार्रवाई की पुष्टि की गई। पुलिस के मुताबिक यह पूरा अभियान कंपनी की साख खराब करने और उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाने के इरादे से चलाया जा रहा था।
मामला तब सामने आया जब निशाना बनी कंपनी के प्रबंधन ने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच में पता चला कि इसके पीछे कई प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक दुकानों के प्रतिनिधि थे, जिन्होंने आपस में मिलकर एक समूह बनाया और फिर योजना के तहत कंपनी के खिलाफ फर्जी रिव्यू डाले।
दुबई पुलिस के ई-क्राइम्स एंड साइबर सिक्योरिटी विभाग के सोशल मीडिया अपराध सेक्शन के प्रमुख मेजर यासिर जुमा मोहम्मद ने पुलिस के पॉडकास्ट के नवीनतम एपिसोड में इन निष्कर्षों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पूरी योजना की कड़ियां जुड़ती चली गईं और आरोपियों की भूमिका साफ हो गई।
कानून क्या कहता है
पुलिस ने साफ किया कि इस तरह का आचरण यूएई में अपराध है। इसके लिए संघीय डिक्री-कानून संख्या 34 वर्ष 2021 लागू होता है, जो अफवाहों और साइबर अपराधों से निपटने से जुड़ा है। इस कानून में ऑनलाइन मानहानि, अपमान और झूठी जानकारी फैलाने को स्पष्ट रूप से अपराध माना गया है।
इन धाराओं का उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने दोनों की सजा हो सकती है। जुर्माने की अधिकतम राशि 5 लाख दिरहम तक जा सकती है। मेजर मोहम्मद ने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को रचनात्मक आलोचना का अधिकार है, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी की भी कानूनी सीमाएं हैं। जानबूझकर झूठी और नुकसानदेह टिप्पणियां करने वालों को कानूनी जवाबदेही से बचने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा।
दुबई पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन अफवाहें फैलाने या बिना जांचे उन्हें दोबारा साझा करने के खतरों से भी आगाह किया है। किसी कारोबार के बारे में राय देना आसान है, लेकिन एक गलत रिव्यू किसी की मेहनत और रोजी-रोटी पर सीधा असर डाल सकता है।