दुबई पुलिस ने 11.8 मिलियन के अंतरराष्ट्रीय फोन स्कैम में दो को दबोचा

दुबई पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फोन घोटाले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इतना शातिर था कि उसने दुबई के निवासियों से करीब 11,877,532 दिरहम की ठगी की। पुलिस की एंटी-फ्रॉड सेंटर और जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया और 6 अक्टूबर, 2026 को इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब कई लोगों ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि आरोपी खुद को विभिन्न सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते थे। वे पीड़ितों को डराते थे कि उनके खिलाफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाहर कानूनी मामले दर्ज हैं। डर के मारे लोग उनकी बातों में आ जाते और आरोपियों के कहने पर वेरिफिकेशन के नाम पर विदेशी बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर देते।
अपराधियों ने अपनाया बेहद खतरनाक तरीका
ठगों ने केवल पैसों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने पीड़ितों को मानसिक रूप से नियंत्रित करने के लिए कई चालें चलीं। कुछ मामलों में, उन्होंने लोगों को अपना सोना और गहने तक बेचने पर मजबूर किया ताकि वे कथित "वेरिफिकेशन" शुल्क भर सकें। इतना ही नहीं, पीड़ितों को उनके परिवार और दोस्तों से दूर रखने के लिए उन्हें होटल में रुकने और खुद को अलग-थलग रखने की सलाह दी गई, ताकि कोई उन्हें इस जाल से बाहर न निकाल सके।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए UAE के बाहर संचालित एक संस्था ने भर्ती किया था। उन्हें एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पीड़ितों की जानकारी और बातचीत करने के निर्देश दिए जाते थे।
दुबई पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें, खासकर यदि वह किसी सरकारी या अंतरराष्ट्रीय संगठन के नाम पर हो। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें और न ही अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी साझा करें। यदि कोई भी व्यक्ति ऐसी धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह आधिकारिक "eCrime" प्लेटफॉर्म या 901 कॉल सेंटर के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।