दुबई पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी घोटाले का पर्दाफाश किया, 6 सदस्य गिरफ्तार
दुबई पुलिस ने 26 लाख दिरहम की क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी करने वाले 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जानें कैसे हुआ यह बड़ा घोटाला।

दुबई: दुबई पुलिस ने एक बड़े क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाकर उससे करीब 26 लाख दिरहम की ठगी की थी।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पीड़ित ने क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के लिए एक बिना लाइसेंस वाले एक्सचेंज का सहारा लिया। इस जालसाजी के जरिए आरोपियों ने पीड़ित से 20 लाख दिरहम नकद और 6 लाख दिरहम की वर्चुअल एसेट्स (डिजिटल संपत्ति) हड़प ली।
30 अक्टूबर 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्धों ने पीड़ित को डिजिटल संपत्ति को ऐसे डिसेंट्रलाइज्ड वॉलेट में ट्रांसफर करने के लिए राजी किया, जिन्हें पहचान छिपाने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया था। जैसे ही ट्रांसफर पूरा हुआ, आरोपी नकद रकम लेकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद दुबई पुलिस ने जांच के लिए दोतरफा रणनीति अपनाई। इसमें फील्ड ऑपरेशन और सबूत जुटाने के साथ-साथ ब्लॉकचेन मूवमेंट का उन्नत तकनीकी विश्लेषण किया गया। पुलिस के विशेषज्ञों ने रिकॉर्ड समय में चोरी की गई वर्चुअल एसेट्स को ट्रैक कर उन्हें सुरक्षित कर लिया, जिससे फंड को आगे ट्रांसफर या कैश कराने से रोका जा सका।
गिरफ्तारी के बाद दुबई पुलिस ने आम जनता के लिए एक चेतावनी जारी की है। पुलिस ने लोगों को बिना लाइसेंस वाली संस्थाओं या उन अपरिचित व्यक्तियों से लेनदेन न करने की सलाह दी है, जो डिजिटल करेंसी ट्रेडिंग के जरिए तेजी से और अवास्तविक वित्तीय रिटर्न का वादा करते हैं।
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स की कानूनी स्थिति की जांच करना जरूरी है। धोखाधड़ी और चोरी के जोखिम को कम करने के लिए गैर-मान्यता प्राप्त ब्रोकरों के साथ नकद आधारित क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन से बचने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।