सोशल मीडिया पर अपमान और गलत जानकारी फैलाने वालों को दुबई पुलिस की सख्त चेतावनी, हो सकती है जेल और भारी जुर्माना

दुबई: दुबई पुलिस ने सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों को चेतावनी दी है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ अपमानजनक बातें लिखना या उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना भारी पड़ सकता है। पुलिस ने साफ किया है कि ऐसी गतिविधियों के गंभीर कानूनी नतीजे होंगे।
दुबई पुलिस के सोशल मीडिया क्राइम सेक्शन के प्रमुख मेजर यासर जुमा मोहम्मद ने विभाग के एक पॉडकास्ट के दौरान यह बात कही। इस पॉडकास्ट का शीर्षक 'एक शब्द कोर्ट केस में बदल सकता है; सावधान रहें' रखा गया था।
मेजर मोहम्मद ने एक मामले का जिक्र किया जिसमें कुछ लोगों ने मिलकर एक कंपनी के गूगल मैप्स प्रोफाइल पर गलत और नकारात्मक रिव्यू डाले थे। जांच में पता चला कि संदिग्ध लोग कभी उस कंपनी के यहां गए ही नहीं थे, लेकिन उनकी इस साजिश से कंपनी को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि संघीय डिक्री कानून नंबर 34 (2021) के तहत मानहानि करने वालों को जेल हो सकती है। इसके साथ ही उन पर 2.5 लाख से 5 लाख दिराम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यूएई में साइबर अपराधों और मीडिया रेगुलेशन को लेकर कड़े कानून हैं। कानून के अनुच्छेद 44 के मुताबिक, प्राइवेसी का उल्लंघन करने पर कम से कम छह महीने की जेल और 5 लाख दिराम तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, अनुच्छेद 52 के तहत सार्वजनिक व्यवस्था या राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली अफवाहें फैलाने पर कम से कम एक साल की जेल और 1 लाख दिराम का जुर्माना तय है।
हाल ही में पुलिस ने सख्त कार्रवाई भी की है। 11 अक्टूबर 2026 को गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने विस्फोटों के एआई-जनरेटेड वीडियो साझा किए थे। इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने रियल-टाइम भौगोलिक डेटा प्रसारित करने के खिलाफ चेतावनी दी। अवैध ट्रैकिंग करने वालों को छह महीने की जेल और 1.5 लाख से 5 लाख दिराम तक का जुर्माना हो सकता है।
अधिकारियों ने आगाह किया कि फर्जी अकाउंट बनाने से कोई बच नहीं सकता और बिना जांचे-परखे किसी कंटेंट को शेयर करने वाला व्यक्ति भी मूल निर्माता की तरह ही जिम्मेदार माना जाएगा। पुलिस ने लोगों से आधिकारिक स्रोतों से जानकारी वेरिफाई करने की अपील की है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई बात सच भी है, लेकिन उसका मकसद किसी को अपमानित करना या प्रतिष्ठा खराब करना है, तो वह भी मानहानि के दायरे में आएगा।