साथ बड़े हुए थे दोनों शेख, एक हैं आज के DUBAI RULER और एक का आज हो गया देहांत, जान लीजिए इनके बारे में.

दुबई: शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम का निधन सिर्फ शाही परिवार के एक सदस्य की क्षति नहीं, बल्कि दुबई के सैन्य, प्रशासनिक और खेल इतिहास के एक पूरे युग का अंत है। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी अहम बातें।
जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि
- जन्म: 12 जुलाई 1950, बुर दुबई में
- वे दुबई के संस्थापक और पूर्व शासक शेख राशिद बिन सईद अल मकतूम के चौथे और सबसे छोटे बेटे थे
- उनकी मां शेखा लतीफा बिंत हमदान अल नाहयान थीं
- वे दुबई के मौजूदा शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के सबसे छोटे भाई थे
सैन्य करियर — सैंडहर्स्ट से दुबई की सेना तक
शेख अहमद का सैन्य सफर बेहद प्रतिष्ठित रहा:
- उन्होंने ब्रिटेन की मशहूर रॉयल मिलिट्री एकेडमी सैंडहर्स्ट से सैन्य शिक्षा प्राप्त की
- 1975 में वे सेंट्रल मिलिट्री ज़ोन (केंद्रीय सैन्य क्षेत्र) के कमांडर बने और UAE के तत्कालीन नेताओं के साथ आधिकारिक सैन्य समारोहों में शामिल हुए
- बाद में वे इस बेस के कमांडर-इन-चीफ बने और उनके नेतृत्व में यह UAE के सबसे प्रमुख सैन्य ठिकानों में से एक बनकर उभरा
- उन्हें लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सम्मानित किया गया था

प्रशासनिक भूमिकाएं
अपने पूरे करियर में शेख अहमद ने कई अहम ज़िम्मेदारियां निभाईं:
- दुबई पुलिस एवं सार्वजनिक सुरक्षा के उप-प्रमुख (Deputy Chairman)
- दुबई के दूसरे उप-शासक (Second Deputy Ruler) का पद भी संभाला
- A.R.M. होल्डिंग — 2019 में स्थापित एक प्रमुख निवेश समूह — के ग्रुप चेयरमैन
- दुबई रियल एस्टेट सेंटर (DREC) के चेयरमैन, जिसकी स्थापना 1991 में हुई और जिसके तहत दुबई में 3,200 से ज़्यादा रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक यूनिट्स का प्रबंधन होता है
अल वस्ल स्पोर्ट्स क्लब से 60 साल का अटूट रिश्ता
यह पहलू सबसे दिलचस्प है — शेख अहमद का नाम दुबई के खेल इतिहास से गहराई से जुड़ा रहा:
- क्लब की शुरुआत 1960 में "अल ज़मालेक" के नाम से हुई थी
- 1962 में शेख अहमद को क्लब का अध्यक्ष चुना गया, और वे खुद टीम के साथ मैच भी खेला करते थे
- 1974 में "अल शुला" और "अल ओरूबा" क्लबों का "अल ज़मालेक" में विलय हुआ और नया नाम "अल वस्ल" रखा गया (जो दुबई का पुराना नाम भी है)
- दिलचस्प बात यह भी है कि खुद शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम (मौजूदा शासक) युवावस्था में अल ज़मालेक/अल वस्ल के लिए डिफेंडर के तौर पर खेल चुके हैं
- शेख अहमद ने लगभग 60 साल तक क्लब की अध्यक्षता संभाली, जिसके तहत अल वस्ल UAE और खाड़ी के सबसे सफल क्लबों में शुमार हुआ
घुड़दौड़ और समुद्री खेलों में भी योगदान
- शेख अहमद ने 1982 में अपने घोड़े "वस्ल" के ज़रिए आयरिश 2000 गिनीज़ रेस जीतकर घुड़दौड़ में अपनी पहली बड़ी जीत दर्ज की
- 90 के दशक की शुरुआत में उन्होंने जेबेल अली रेसकोर्स की स्थापना की, ताकि UAE में घुड़दौड़ को बढ़ावा मिल सके
- 1988 में वे दुबई इंटरनेशनल मरीन क्लब के पहले अध्यक्ष बने — यह मिडिल ईस्ट और अफ्रीका का पहला क्लब था जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री खेल संस्था UIM का सदस्य बना
- 1989 में उन्होंने "विक्ट्री टीम" की स्थापना की
एक विरासत जो सिर्फ सत्ता की नहीं, सेवा की थी
शेख अहमद की कहानी दिखाती है कि दुबई के शाही परिवार के सदस्य सिर्फ सत्ता-संचालन तक सीमित नहीं रहे — उन्होंने सेना, पुलिस, रियल एस्टेट और खेल जगत, हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी। 76 साल की उम्र में उनका निधन दुबई के लिए एक ऐसे युग का अंत है, जो शहर के आधुनिक निर्माण से लेकर उसकी खेल संस्कृति तक — हर मोड़ पर मौजूद रहा।