दुबई में रहने वालों के लिए खुशखबरी! अब शेयरिंग हाउस का कॉन्ट्रैक्ट तोड़ना और एडवांस रेंट वापस पाना हुआ आसान

दुबई में रहने वाले प्रवासी trabalhadores (expats) के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर सामने आई है। दुबई सरकार ने साझा आवास (shared housing) के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए एक नया कानून लागू किया है। अब यदि आप किसी शेयरिंग रूम या बेड-स्पेस में रहते हैं, तो आप अपना कॉन्ट्रैक्ट समय से पहले खत्म कर सकते हैं और अपने बचे हुए एडवांस रेंट की वापसी का दावा भी कर सकते हैं।
क्या है नया कानून? (Law No. 4 of 2026)
दुबई में लागू हुए Law No. 4 of 2026 के तहत अब तक के अनौपचारिक बेड-स्पेस व्यवस्था को एक व्यवस्थित ढांचे में बदल दिया गया है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य दुबई नगर पालिका (Dubai Municipality) और दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) की देखरेख में किरायेदारों के अधिकारों की रक्षा करना है।
अब तक कई प्रवासी काम बदलने या जगह बदलने के दौरान अपना एडवांस रेंट खो देते थे, लेकिन इस नए नियम ने उनके वित्तीय हितों को सुरक्षित कर दिया है।
रेंट वापसी और कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की प्रक्रिया
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई किरायेदार अपना कमरा या बेड छोड़ना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा:
- नोटिस की अवधि: किरायेदार को अपने मकान मालिक या ऑपरेटर को कम से कम 30 दिनों का लिखित नोटिस देना होगा। हालांकि, यदि आपके कॉन्ट्रैक्ट में 30 दिन से अधिक की अवधि लिखी है, तो वह मान्य होगी।
- नोटिस कैसे दें: आप ईमेल, हाथ से देकर या नोटरी पब्लिक के माध्यम से अपना नोटिस दे सकते हैं।
- रिफंड का नियम: कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर ऑपरेटर को आपका एडवांस रेंट वापस करना होगा। ऑपरेटर केवल अधिकतम एक महीने का किराया शुल्क के रूप में काट सकता है।
- DEWA चार्जेस: यदि कॉन्ट्रैक्ट में कुछ और न लिखा हो, तो बिजली और पानी (DEWA) का खर्च किराए में ही शामिल माना जाएगा।
अगर मकान मालिक पैसा न लौटाए तो क्या करें?
यदि आप नोटिस देने के 30 दिनों के भीतर अपना रिफंड प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो आपके पास कानूनी रास्ता खुला है। आप दुबई रेंटल डिस्प्यूट्स सेंटर (Dubai Rental Disputes Centre) में निष्पादन न्यायाधीश (Execution Judge) के पास याचिका दायर कर सकते हैं।
सावधान! नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी
जहाँ यह कानून किरायेदारों को सुरक्षा देता है, वहीं मकान मालिकों और ऑपरेटरों के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं:
- केवल लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर ही साझा आवास का प्रबंधन कर सकते हैं।
- बिना अनुमति के किसी अन्य को कमरे में रखना या सबलेटिंग (subletting) करना सख्त मना है।
- नियमों का पालन न करने पर 500 AED से लेकर 5,00,000 AED तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
दुबई लैंड डिपार्टमेंट अब एक 'शेयर्ड-हाउसिंग रेंटल इंडेक्स' भी विकसित कर रहा है, जिससे कमरों के किराए का एक मानक तय हो सके और लोगों को उचित दाम पर रहने की सुविधा मिले। यह कदम भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसे देशों से आए लाखों श्रमिकों के लिए एक बड़ी ढाल साबित होगा।