Dubai New Housing Rules: दुबई में शेयरिंग हाउसिंग पर कड़े नियम लागू, इस सितंबर से पोर्टल होगा शुरू.

दुबई में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ Dubai Municipality ने शेयरिंग हाउसिंग के लिए नया डिजिटल पोर्टल और नियम इस सितंबर 2026 में लॉन्च करने की पुष्टि की है। यह नया कानून, जिसे Law No. 4 of 2026 कहा जा रहा है, आधिकारिक तौर पर 26 अगस्त 2026 से लागू हो चुका है। इस नए कदम का असर उन तमाम प्रवासियों और कामगारों पर पड़ेगा जो किराए के मकान में कम खर्च में रहने के लिए कमरों या फ्लैट्स को आपस में शेयर करते हैं। सरकार ने मौजूदा ऑपरेटर्स को अपने काम को कानूनी दायरे में लाने के लिए अगले साल यानी अगस्त या सितंबर 2027 तक का समय दिया है।
शेयरिंग हाउसिंग के नए नियम और श्रेणियां
अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि नया डिजिटल पोर्टल ही कानूनी रूप से रहने की अनुमति देने का मुख्य जरिया होगा। इस नई व्यवस्था के तहत शेयरिंग हाउसिंग को केवल मकान मालिकों या लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों द्वारा ही संचालित किया जा सकेगा। इसके चलते सोशल मीडिया पर अक्सर दिखने वाले अवैध और अनौपचारिक सबलेटिंग यानी किराए पर कमरा आगे देने के तरीकों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इस पूरी व्यवस्था को कुल छह श्रेणियों में बांटा गया है जिसमें परिवार, अकेली महिलाएं, अकेले पुरुष, महिला छात्र, पुरुष छात्र और सरकारी कर्मचारियों के साथ प्राइवेट कंपनियों के कामगारों की एक संयुक्त श्रेणी शामिल है।
न्यूनतम स्थान और सुविधाएं
नगरपालिका की तरफ से इस बात पर भी जोर दिया गया है कि मकानों में घनत्व सीमा यानी डेंसिटी लिमिट तय की जाएगी। इसके तहत प्रति निवासी लगभग 5 वर्ग मीटर की न्यूनतम जगह होनी चाहिए, जो पहले से चले आ रहे दिशानिर्देशों पर आधारित है। इसके अलावा किचन, बाथरूम और डाइनिंग रूम जैसी सुविधाओं के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। किसी भी घर को अनुमति देने से पहले वहां आग से सुरक्षा यानी फायर सेफ्टी, साफ-सफाई, बिजली और आसपास की प्लानिंग के मानकों की पूरी जांच की जाएगी। भीड़भाड़ या बुनियादी ढांचे की क्षमता को देखते हुए कुछ रिहायशी इलाकों को इन शेयरिंग हाउसिंग परमिट से बाहर भी रखा जा सकता है।
जुर्माना और परमिट की वैधता
इन परमिट की वैधता एक साल की होगी, हालांकि मकान मालिक चाहें तो इसे दो साल के लिए भी अनुरोध कर सकते हैं। परमिट खत्म होने से कम से कम 30 दिन पहले इसे नवीनीकृत यानी रिन्यू कराना होगा। नियमों का पालन न करने पर AED 500 से लेकर AED 500,000 तक का भारी जुर्माना लग सकता है। अगर कोई एक साल के भीतर बार-बार नियम तोड़ता है तो यह जुर्माना बढ़कर AED 1 मिलियन यानी 10 लाख दिरहम तक हो सकता है। इसके अलावा बिजली-पानी के कनेक्शन काटना, लाइसेंस रद्द करना और रेंटल डिस्प्यूट्स सेंटर के जरिए बेदखली जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि लेबर कैंप और तय किए गए सामूहिक श्रमिक आवास इस कानून के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
किरायेदारों और मकान मालिकों के लिए सलाह
दुबई में रह रहे सभी किरायेदारों को सलाह दी गई है कि वे अपने मकान मालिक से परमिट लेने की बात की पुष्टि जरूर कर लें। इसके अलावा अपने मौजूदा Ejari कॉन्ट्रैक्ट और भुगतान की रसीदों को संभाल कर रखें और किसी भी ऐसे शेयरिंग हाउसिंग समझौते से दूर रहें जिसके पास परमिट न हो। वहीं मकान मालिकों को भी अपनी संपत्ति के दस्तावेज, भवन सुरक्षा रिपोर्ट, साइट प्लान और जरूरी ट्रेड लाइसेंस तैयार रखने को कहा गया है ताकि वे आने वाले समय की सभी जरूरतों को समय पर पूरा कर सकें।