दुबई में शेयर्ड हाउसिंग के नए नियम लागू, 44 इलाकों पर होगा असर

Aanya10 October 20262 min read0 viewsUAE
दुबई में शेयर्ड हाउसिंग के नए नियम लागू, 44 इलाकों पर होगा असर

दुबई: दुबई नगरपालिका ने शेयर्ड हाउसिंग के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा लागू कर दिया है। यह दुबई शेयर्ड हाउसिंग नियम कानून नंबर 4 के तहत बना है और 8 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। मकसद साफ है: एक ही कमरे या फ्लैट में ज़रूरत से ज़्यादा लोगों को ठूंसने पर रोक लगाना, और सुरक्षा व रहने की गुणवत्ता को बेहतर बनाना।

नए नियमों में सबसे अहम बात यह है कि शेयर्ड आवास को या तो पूरी तरह परिवारों के लिए रखा जाएगा या सिर्फ अकेले लोगों के लिए। दोनों को एक ही यूनिट में मिलाने की मनाही है। इसके अलावा हर व्यक्ति के लिए न्यूनतम जगह तय की गई है। सोने के कमरे में प्रति व्यक्ति कम से कम पांच वर्ग मीटर जगह होनी चाहिए, हर चार लोगों पर एक बाथरूम, और रसोई में प्रति व्यक्ति एक वर्ग मीटर।

किन इलाकों में लागू होगा और किसे छूट मिली है

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यह व्यवस्था दुबई के 44 से ज़्यादा इलाकों पर लागू होगी। इनमें अल सूक अल कबीर, अल रास, अल वर्का 1, अल बरशा 1, अल मुरक्काबात, अल रिग्गा, अल बतीन, सबखा, अल नहदा 1 और 2, अल कुसैस, कराम, ओउड मेथा और जुमेराह 1 जैसे इलाके शामिल हैं। शेख ज़ायद रोड, जुमेराह रोड, अल वस्ल रोड और बनियास रोड जैसे मुख्य मार्गों पर सिर्फ परिवारों के लिए शेयर्ड आवास की इजाज़त होगी। वहीं कर्मचारियों के सामूहिक आवास (लेबर कैंप) इस नियम से बाहर रखे गए हैं।

जिन मकान मालिकों और प्रबंधन कंपनियों के पास अभी ऐसी इकाइयां हैं, उन्हें 8 सितंबर 2027 तक का समय दिया गया है ताकि वे नियमों का पालन कर सकें। लेकिन यह मोहलत मौजूदा इमारती उल्लंघनों या सार्वजनिक सुरक्षा के जोखिम से छूट नहीं देती।

परमिट लेना अब अनिवार्य है। यह "Build in Dubai" प्लेटफॉर्म से लेना होगा और इसकी वैधता एक या दो साल की होगी। अनौपचारिक सब-लेटिंग पर पूरी तरह रोक है। अब किराये पर देने का काम सिर्फ संपत्ति के मालिक या दुबई लैंड डिपार्टमेंट से लाइसेंसशुदा फर्म ही संभाल सकेंगे।

नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगेगा, जो 500 दिरहम से लेकर 5,00,000 दिरहम तक हो सकता है। एक साल के भीतर दोबारा उल्लंघन होने पर जुर्माना दोगुना होकर 10 लाख दिरहम तक पहुंच सकता है। इसके अलावा अधिकारियों के पास गतिविधियां रोकने, परमिट रद्द करने, बिजली-पानी के कनेक्शन काटने और बेदखली का आदेश देने के भी अधिकार होंगे। किराये से जुड़े सभी विवाद दुबई रेंटल डिस्प्यूट्स सेंटर देखेगा।

इस बदलाव पर दुबई नगरपालिका के बिल्डिंग रेगुलेशन एंड परमिट्स एजेंसी की प्रमुख मरियम अल मुहैरी ने कहा कि यह गाइड सभी पक्षों के लिए एक साफ संदर्भ का काम करेगी। कानूनी जानकार डॉ. हसन एलहाइस, जो अमल अल-रशीदी लॉयर्स से जुड़े हैं, इसे औपचारिक कानूनी ढांचे की दिशा में बड़ा कदम मानते हैं। निगरानी में दुबई लैंड डिपार्टमेंट, दुबई सिविल डिफेंस और सुरक्षा प्रणालियों के लिए सिक्योरिटी इंडस्ट्री रेगुलेटरी एजेंसी (SIRA) शामिल होंगी।

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