दुबई में शेयर हाउसिंग के लिए 44 इलाके मंजूर, अब इन नियमों का पालन करना होगा जरूरी

दुबई में रहने वाले प्रवासियों और प्रॉपर्टी मालिकों के लिए एक बड़ी खबर है। दुबई नगर पालिका (Dubai Municipality) ने शहर के 44 इलाकों को शेयर हाउसिंग (Shared Housing) के लिए आधिकारिक तौर पर चिन्हित किया है। कानून नंबर 4 (2026) के तहत यह कदम उठाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मानकों को बेहतर बनाना है। इसके लिए 7 अक्टूबर 2026 को एक विस्तृत 'प्लानिंग एंड बिल्डिंग रिक्वायरमेंट्स गाइड' भी जारी की गई है।
प्रॉपर्टी मालिकों को इन नए नियमों के मुताबिक अपने घरों को ढालने के लिए अगस्त 2026 की प्रभावी तारीख से एक साल की मोहलत दी गई है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, शेयर हाउसिंग यूनिट्स में केवल परिवारों या केवल व्यक्तियों को रहने की अनुमति होगी; दोनों का मिश्रण सख्त वर्जित है।
जगह की कमी और सख्त जुर्माने का प्रावधान
नगर पालिका ने रहने की जगह के लिए न्यूनतम मानक तय किए हैं। अब हर निवासी के लिए बेडरूम में कम से कम पांच वर्ग मीटर और किचन में एक वर्ग मीटर जगह होनी अनिवार्य है। इसके अलावा, बाथरूम की सुविधा भी संख्या के हिसाब से होगी, जिसमें हर चार निवासियों के लिए एक पूरा बाथरूम सेट (वॉशबेसिन, टॉयलेट और शॉवर) होना जरूरी है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि शेख जायद रोड, जुमेराह रोड, अल वास्ल रोड और बनियास रोड जैसी प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन सड़कों पर व्यक्तियों के लिए शेयर हाउसिंग की अनुमति नहीं होगी; ये इलाके केवल फैमिली शेयर हाउसिंग के लिए आरक्षित रहेंगे। बिल्डिंग रेगुलेशन एंड परमिट एजेंसी की सीईओ मरियम अल मुहैरी ने स्पष्ट किया कि यह गाइड एक विनियमित आवासीय वातावरण सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और सुरक्षा आवश्यकताओं को स्थापित करती है।
नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान है:
- पहली बार गलती करने पर 500 से 5,00,000 दिरहम तक का जुर्माना।
- एक साल के भीतर दोबारा गलती करने पर जुर्माना दोगुना होकर 10 लाख दिरहम तक हो सकता है।
- छह महीने तक कामकाज बंद करने, कमर्शियल लाइसेंस रद्द करने और बिजली-पानी जैसी सार्वजनिक सेवाओं को काटने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रॉपर्टी मालिकों को अब 'दुबई बिल्डिंग प्लेटफॉर्म' के जरिए बिल्डिंग परमिट और शेयर हाउसिंग परमिट लेना होगा। साथ ही, किरायेदारों द्वारा सबलेटिंग (आगे किराए पर देना) पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए नगर पालिका, दुबई लैंड डिपार्टमेंट और इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स मिलकर काम कर रहे हैं। जिन 44 इलाकों को मंजूरी मिली है, उनमें अल सूक अल कबीर, अल रास, अल वरका 1, अल बरशा 1, अल मुरकबात और अल रिगा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।