दुबई में शेयर्ड हाउसिंग का नया नियम, 44 इलाकों में लागू

दुबई: अगर आप दुबई में किराए के कमरे या साझा फ्लैट में रहते हैं, तो अब वहां की व्यवस्था बदलने वाली है। दुबई नगर पालिका ने शेयर्ड हाउसिंग के लिए नए और विस्तृत नियम लागू कर दिए हैं। इसका मकसद भीड़भाड़ कम करना और रिहायशी इलाकों में सुरक्षा के मानक ऊंचे करना है। यह कानून 2026 के कानून नंबर 4 के तहत बना है और 8 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है।
नियमों के मुताबिक मौजूदा मालिकों और लाइसेंसशुदा प्रबंधन कंपनियों को पूरी तरह अनुपालन के लिए एक साल की मोहलत दी गई है, यानी 8 सितंबर 2027 तक। लेकिन इस छूट का मतलब यह नहीं कि अवैध निर्माण या सुरक्षा में खामियां चलती रहें। इन्हें तुरंत दूर करना होगा।
अब किसी भी साझा आवास इकाई को "Build in Dubai" प्लेटफॉर्म से जारी परमिट लेना होगा। यह परमिट एक तय समय पर नवीनीकृत कराना होगा। परमिट के लिए दुबई सिविल डिफेंस और सुरक्षा उद्योग नियामक एजेंसी (SIRA) से अग्नि सुरक्षा और सीसीटीवी व्यवस्था की जांच जरूरी होगी।
कमरे, बाथरूम और रसोई की नई सीमा
नए नियमों में रहने की जगह को लेकर सख्त शर्तें रखी गई हैं। हर निवासी के लिए शयनकक्ष में कम से कम पांच वर्गमीटर जगह होना जरूरी है। बाथरूम का अनुपात भी तय किया गया है, यानी हर चार लोगों पर कम से कम एक बाथरूम। रसोई में प्रति व्यक्ति कम से कम एक वर्गमीटर जगह अनिवार्य है, और भोजन, कपड़े धोने और मनोरंजन के लिए अलग क्षेत्र भी रखने होंगे।
सबसे अहम बदलाव यह है कि कोई भी इकाई या तो परिवारों के लिए होगी या अकेले रहने वाले व्यक्तियों के लिए। दोनों को मिलाना मना है। परिवारों के लिए रखी गई इकाइयों में हर परिवार के पास अपना निजी बेडरूम और बाथरूम होना चाहिए।
किराए को लेकर भी सख्ती की गई है। अब अनौपचारिक सबलेटिंग यानी किसी से कमरा आगे किराए पर देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। केवल संपत्ति के मालिक या दुबई लैंड डिपार्टमेंट से लाइसेंस प्राप्त कंपनियां ही इन्हें किराए पर दे सकती हैं।
यह नियम दुबई के 44 से ज्यादा चिह्नित इलाकों पर लागू होगा, जिनमें करामा, अल बरशा 1, अल रशीदिया और हॉर अल अंज जैसे इलाके शामिल हैं। शेख जायद रोड और जुमेराह रोड जैसे मुख्य मार्गों पर केवल परिवारों के लिए साझा आवास की अनुमति होगी। वहीं सामूहिक मजदूर आवास पर पहले से लागू अलग कानून ही लागू रहेंगे।
नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना 500 दिरहम से लेकर 5 लाख दिरहम तक हो सकता है। एक साल के भीतर दोहराए गए उल्लंघन पर यह राशि 10 लाख दिरहम तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अधिकारियों के पास बिजली-पानी जैसी सेवाएं काटने, परमिट रद्द करने या निवासियों को बेदखल करने का अधिकार होगा। किराए से जुड़े विवादों की सुनवाई दुबई रेंटल डिस्प्यूट्स सेंटर करेगा।
दुबई नगर पालिका के बिल्डिंग रेगुलेशन और परमिट एजेंसी की प्रमुख मरियम अल मुहैरी के अनुसार, यह मार्गदर्शिका संबंधित पक्षों के लिए एक स्पष्ट नियामक ढांचा तैयार करती है। कानूनी सलाहकार डॉ. हसन एलहैस ने इसे एकीकृत आवास व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।