दुबई में शेयरिंग हाउसिंग के नए नियम, कम आय वालों का खर्च बढ़ सकता है

दुबई (यूएई): दुबई नगरपालिका ने कानून संख्या 4, 2026 के तहत शेयरिंग हाउसिंग के लिए नए नियम लागू किए हैं। इनसे कम आय वाले प्रवासी कामगारों के रहने का खर्च बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नए नियमों के तहत 40 से ज़्यादा तय इलाकों में डिज़ाइन, आवास क्षमता, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधाओं के सख्त मानक लागू होंगे। इन इलाकों में अल रिगा, करामा, अल बरशा 1 और अल मुरक्काबात शामिल हैं। मकान मालिकों को लगभग सितंबर 2027 तक पूरी तरह नियमों का पालन करना होगा।
नियमों के अनुसार इमारतें या तो सिर्फ अकेले लोगों के लिए या सिर्फ परिवारों के लिए तय की जाएंगी, दोनों को मिलाने की अनुमति नहीं होगी। हर व्यक्ति के लिए कम से कम 5 वर्ग मीटर बेडरूम जगह होनी चाहिए। इसके अलावा हर 4 लोगों पर एक शौचालय, हर 6 लोगों पर एक शावर और हर व्यक्ति के लिए कम से कम 1 वर्ग मीटर रसोई क्षेत्र तय किया गया है। निवासियों की कुल संख्या के 10 प्रतिशत के लिए साइकिल पार्किंग की व्यवस्था भी ज़रूरी होगी।
नियम तोड़ने पर पहली बार में 5 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है। दोबारा उल्लंघन होने पर यह जुर्माना दोगुना होकर 10 लाख दिरहम तक पहुंच सकता है। अधिकारी अवैध विभाजन और ज़्यादा लोगों को एक जगह रखने की समस्या पर जांच कर रहे हैं।
दुबई नगरपालिका के संरचनात्मक नियंत्रण विभाग के प्रबंधक नासिर अल शैबानी ने कहा कि इन नियमों का मकसद किरायेदारों को उचित अनुबंध दिलाना है। इसमें एक से दो महीने के अल्पकालिक समझौते भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पहले शेयरिंग हाउसिंग में रहने वाले कई किरायेदारों के पास औपचारिक कानूनी अनुबंध नहीं होते थे।
वहीं उद्योग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन सुधारों से खर्च में बड़ा इज़ाफा हो सकता है। किफायती आवास मंच नेक्स्ट हाउस के संस्थापक रयान हन्ना के मुताबिक जरूरी सुधारों के बाद ऑपरेटरों को टिके रहने के लिए प्रति कमरा हर महीने 2,000 से 3,000 दिरहम तक लेने पड़ सकते हैं। जबकि कम आय वाले कई कामगार बेड स्पेस पर निर्भर हैं और वे हर महीने सिर्फ 700 से 900 दिरहम तक ही खर्च कर पाते हैं। 2025 की एक कार्यबल रिपोर्ट के अनुसार दुबई में 60 प्रतिशत कामगार हर महीने 5,000 दिरहम से कम कमाते हैं।