रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमलों की मिस्र ने की कड़ी निंदा

रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और एक सऊदिया एयरलाइंस के विमान पर हुए हमलों के बाद अब अरब देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की सख़्त शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है।
ये घटनाएं गुरुवार 8 अक्टूबर और शुक्रवार 9 अक्टूबर 2026 को हुईं। सऊदी सरकार के मुताबिक इनके पीछे यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ बताया गया है। हमलों में तीन सऊदी नागरिकों की जान चली गई, जिनमें एक एयरलाइन पायलट भी शामिल है। कई दूसरे देशों के लोग भी घायल हुए।
हवाई सुरक्षा पर सीधा असर
मिस्र का कहना है कि हवाई यातायात को निशाना बनाने वाले ऐसे हमले क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व स्थिरता को कमजोर करते हैं। विमानन क्षेत्र से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर हमला सिर्फ एक देश का मसला नहीं रहता, क्योंकि हवाई रास्ते पूरी दुनिया को आपस में जोड़ते हैं।
मिस्र ने इस मौके पर सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दोहराई। उसने सऊदी सरकार के उन सभी कदमों का समर्थन किया है, जो देश की संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों की जान बचाने के लिए उठाए जा रहे हैं। मृतकों के परिवारों और सऊदी जनता के प्रति संवेदना भी जताई गई है, और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई है।
हमलों के बाद हवाईअड्डे पर कामकाज में कुछ देर के लिए रुकावट आई थी। लेकिन 9 अक्टूबर तक किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर यात्री और विमानों की आवाजाही सामान्य हो गई। फिर भी यमन में हूती बलों और सऊदी समर्थित सरकारी गुटों के बीच टकराव बढ़ने से आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।