मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का वादा किया

काहिरा: मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फताह अल-सिसी ने शनिवार को ऐलान किया कि उनका देश सऊदी अरब की सुरक्षा और रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को तैयार है। काहिरा में मिस्र सैन्य अकादमी के पहले बैच के ग्रेजुएशन समारोह में बोलते हुए उन्होंने यह बात कही।
राष्ट्रपति अल-सिसी ने बताया कि ये कदम सऊदी अरब के किंग सलमान और क्राउन प्रिंस व प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों के अनुसार उठाए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि अगर सैन्य हस्तक्षेप की मांग की जाती है, तो वह पूरी तरह से रक्षात्मक होगा। इसमें किसी भी पक्ष पर हमला करने या लड़ने की बात शामिल नहीं होगी।
अल-सिसी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी रक्षात्मक उपाय के लिए मिस्र की संसद की पूर्व मंजूरी लेना जरूरी होगा। उन्होंने संकेत दिया कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह इस अनुमति को हासिल करने के लिए संसदीय सत्र बुलाएंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि खाड़ी देशों में अपने साझेदारों की सुरक्षा और स्थिरता के प्रति मिस्र प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि यह प्रतिबद्धता तब भी बनी रहेगी, चाहे क्षेत्रीय युद्ध को खत्म करने के मौजूदा राजनयिक प्रयास सफल हों या नहीं।
अपने संबोधन के दौरान अल-सिसी ने 2011 के विद्रोह के बाद आए आर्थिक संकट के दौरान सऊदी अरब के नेतृत्व वाले खाड़ी देशों द्वारा दी गई ऐतिहासिक मदद के लिए आभार जताया। उन्होंने उस दौर की गंभीरता का जिक्र करते हुए बताया कि तब अर्थव्यवस्था सिकुड़ गई थी, ईंधन की कमी हो गई थी, पर्यटन रुक गया था और विदेशी मुद्रा भंडार गिर गया था।
उन्होंने विशेष रूप से बताया कि खाड़ी सहयोगियों से मिले तेल, गैस और ब्यूटेन गैस की आपूर्ति बिना किसी हिसाब-किताब के दी गई थी, ताकि मिस्र अपने खत्म होते नकदी भंडार की समस्या से उबर सके। अंत में, अल-सिसी ने मिस्र के सशस्त्र बलों को खाड़ी देशों की सेनाओं को सैन्य सलामी देने के लिए कहा, ताकि उनकी सहयोगी भूमिका को सम्मान दिया जा सके।