मध्य पूर्व में तनाव के बीच मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी ने की समुद्री सुरक्षा और फ्री नेविगेशन की मांग

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय संकट के बीच मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah el-Sisi ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन को सुरक्षित और स्थिर रखने की पुरजोर अपील की है। 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान और उससे पहले 11 सितंबर 2026 को रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ हुई बैठक में उन्होंने यह बात कही। राष्ट्रपति अल-सिसी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा अस्थिरता से वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ रहा है। इस बारे में अधिक जानकारी आप Official SIS Speech पर देख सकते हैं।
समुद्री मार्गों पर मंडराता खतरा
क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के सामने इस समय बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ईरान समर्थित हुथी (Houthi) समूह ने लाल सागर के एक रणनीतिक द्वीप और मोखा बंदरगाह के साथ-साथ बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के बाकी द्वीपों पर भी कब्जा कर लिया है। इससे समुद्री यातायात को निशाना बनाने की उनकी क्षमता काफी बढ़ गई है। इसी समय, इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को बंद कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए अमेरिका ने तेल टैंकरों से अपील की है कि वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य से केवल तय समय पर ही गुजरें ताकि उन्हें सैन्य सुरक्षा दी जा सके।
ओमान में होने वाली है अहम बैठक
कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत और प्रयास जारी हैं। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने घोषणा की है कि विभिन्न अरब देशों के विदेश मंत्री 15 सितंबर 2026 को ओमान की राजधानी मस्कट में मिलेंगे। इस बैठक में ईरान और ओमान के बीच एक संयुक्त शिपिंग रूट बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने फारस की खाड़ी में एक नए 'प्रतिबंधित क्षेत्र' की चेतावनी दी है। इस क्षेत्र में बिना अनुमति के आने वाले जहाजों पर जुर्माना लगाया जा सकता है, उन्हें पकड़ा जा सकता है या उनके सामान को जब्त किया जा सकता है। इन तमाम घटनाओं के बीच ब्रिक्स के नेताओं ने क्षेत्र में और अधिक तनाव को रोकने के लिए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। मिस्र की वैश्विक व्यापार में भूमिका और लाल सागर तथा स्वेज नहर की सुरक्षा के बारे में आप SIS Foreign Affairs पर पढ़ सकते हैं।