सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा मिस्र और सैन्य मदद के लिए राष्ट्रपति सिसी लेंगे संसद की मंजूरी

न्यू एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल: मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी ने साफ किया है कि उनका देश सऊदी अरब की रक्षा और सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को तैयार है। 17 अक्टूबर 2026 को एक मिलिट्री एकेडमी के ग्रेजुएशन समारोह में बोलते हुए राष्ट्रपति सिसी ने कहा कि मिस्र की सुरक्षा सीधे तौर पर खाड़ी देशों की स्थिरता से जुड़ी हुई है।
राष्ट्रपति सिसी के मुताबिक सऊदी अरब की संप्रभुता या क्षेत्रीय सुरक्षा को कोई भी खतरा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह रक्षा प्रतिबद्धताएं सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएंगी।
इस सैन्य तैयारी को औपचारिक रूप देने के लिए राष्ट्रपति सिसी ने मिस्र की संसद का आपातकालीन सत्र बुलाने का ऐलान किया है। इस सत्र का मकसद मिस्र की सशस्त्र सेनाओं को हस्तक्षेप करने के लिए औपचारिक अधिकार दिलाना है, ताकि सऊदी नेतृत्व से मदद की सीधी मांग मिलने पर कार्रवाई की जा सके। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल रक्षात्मक सहायता के लिए होगा, न कि किसी आक्रामक युद्ध के लिए।
इससे पहले मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलतटी ने संकेत दिए थे कि मिस्र मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने पर विचार कर रहा है। इस समझौते पर 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने हस्ताक्षर किए थे।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरों के बीच राष्ट्रपति सिसी ने इस क्षेत्र के साथ मिस्र के पुराने रिश्तों को याद किया। उन्होंने 2013 के बाद सऊदी अरब, यूएई और कुवैत द्वारा दिए गए जरूरी समर्थन का भी जिक्र किया।