क्षेत्रीय तनाव और ईंधन महंगा होने से एमिरेट्स ग्रुप का मुनाफा 66% घटा
क्षेत्रीय तनाव और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण एमिरेट्स ग्रुप के मुनाफे में 66% की भारी कमी आई है। जानें पूरी रिपोर्ट।

दुबई: क्षेत्रीय संघर्ष और ईंधन के बढ़ते खर्चों के कारण यूएई के एमिरेट्स ग्रुप को बड़ा वित्तीय झटका लगा है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई पहली छमाही में ग्रुप के मुनाफे में साल-दर-साल 66 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इस छह महीने की अवधि के दौरान टैक्स के बाद ग्रुप का मुनाफा 3.6 बिलियन दिरहम (1.0 बिलियन डॉलर) रहा, जबकि टैक्स से पहले का मुनाफा 4.1 बिलियन दिरहम (1.1 बिलियन डॉलर) दर्ज किया गया। ग्रुप की कुल कमाई भी 12 प्रतिशत घटकर 66.2 बिलियन दिरहम (18.0 बिलियन डॉलर) रह गई, जो पिछले साल इसी समय 75.4 बिलियन दिरहम (20.6 बिलियन डॉलर) थी।
ग्रुप के EBITDA में भी 41 प्रतिशत की कमी आई है और यह गिरकर 12.5 बिलियन दिरहम (3.4 बिलियन डॉलर) पर आ गया। नकदी की स्थिति की बात करें तो 31 मार्च 2026 को यह 59.6 बिलियन दिरहम (16.2 बिलियन डॉलर) थी, जो सितंबर के अंत तक घटकर 54.1 बिलियन दिरहम (14.7 बिलियन डॉलर) रह गई।
एमिरेट्स एयरलाइन की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण रही, जहां टैक्स से पहले के मुनाफे में 68 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 3.7 बिलियन दिरहम (1.0 बिलियन डॉलर) रहा। एयरलाइन की कमाई 13 प्रतिशत गिरकर 56.9 बिलियन दिरहम (15.5 बिलियन डॉलर) हो गई, जबकि यात्रियों की संख्या में 22 प्रतिशत की कमी आई और यह 21.8 मिलियन रह गई।
क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) पर पाबंदियों और बंदी ने परिचालन को और मुश्किल बना दिया। हालांकि ईंधन की खपत में 12 प्रतिशत की कमी आई, लेकिन हेजिंग से पहले ईंधन की लागत में 60 प्रतिशत का उछाल आया। हेजिंग से मिले 7.1 बिलियन दिरहम (1.9 बिलियन डॉलर) के लाभ ने शुद्ध लागत वृद्धि को 13 प्रतिशत तक सीमित रखा।
एमिरेट्स ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम ने इस छमाही को "कठिन" और "अभूतपूर्व" बताया। उन्होंने वित्तीय दबाव के लिए क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक जेट ईंधन की कीमतों को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि उन्होंने ग्रुप के बिजनेस मॉडल के लचीलेपन पर जोर दिया।
शेख अहमद ने हवाई परिवहन को फिर से शुरू करने और यात्रा संबंधी सलाहों के प्रबंधन में समन्वय के लिए यूएई सरकार का आभार व्यक्त किया। इस रिपोर्टिंग अवधि के दौरान ग्रुप ने अपने मालिक, इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ दुबई (ICD) को 2 बिलियन दिरहम (545 मिलियन डॉलर) का लाभांश दिया।
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, ग्रुप की कुल कमाई में कार्गो ऑपरेशंस एक मजबूत योगदानकर्ता बना रहा।