UN में बोले मैक्रों: गाजा के हालात शर्मनाक, होर्मुज जलडमरूमध्य का ब्लैकमेलिंग के लिए न हो इस्तेमाल

Praggya Singh sabal23 September 20263 min read3 viewsWorld
UN में बोले मैक्रों: गाजा के हालात शर्मनाक, होर्मुज जलडमरूमध्य का ब्लैकमेलिंग के लिए न हो इस्तेमाल

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान पश्चिमी एशिया के तनाव और गाजा संकट को लेकर वैश्विक मंच पर तीखी चर्चा देखने को मिली है। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने गाजा में आम लोगों की दुर्दशा को बेहद शर्मनाक करार देते हुए दुनिया के देशों की निष्क्रियता पर कड़े सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) का इस्तेमाल किसी भी हाल में ब्लैकमेलिंग के लिए नहीं होना चाहिए।

गाजा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य पर फ्रांस का कड़ा रुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने कहा कि अगर दुनिया गाजा में जारी तबाही पर मूकदर्शक बनी रहती है, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साख पर बड़ा सवाल खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह दावा करते हैं कि शांति स्थापित हो चुकी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वहां मानवीय सहायता की आपूर्ति अभी भी ठीक से शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने इस पूरे मंजर को बेहद शर्मनाक बताया।

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इसके अलावा पश्चिमी एशिया के मौजूदा समुद्री और भू-राजनीतिक हालात पर चर्चा करते हुए मैक्रों ने Strait of Hormuz का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही हर देश के आर्थिक हित में है। इस जलमार्ग को दोबारा सुरक्षित तरीके से खोलना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह सम्मान किया जाना चाहिए।

कतर के अमीर ने बातचीत से हल निकालने पर दिया जोर

इसी सत्र के दौरान कतर के अमीर Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani ने भी खाड़ी क्षेत्र के हालात पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र इस समय अपने सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ बढ़ते टकराव का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि इस पूरे संकट का समाधान कूटनीतिक बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है।

कतर की भूमिका को एक भरोसेमंद मध्यस्थ के रूप में दोहराते हुए अमीर ने कहा कि कूटनीति ही वह रास्ता है जिससे ईरान समेत पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता कायम की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जंग को टालने के लिए Strait of Hormuz को जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुला रखना आवश्यक है। कतर अपनी संप्रभुता की रक्षा करते हुए क्षेत्र में शांति बहाली के लिए हर संभव कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा।

जॉर्डन के शाह ने इजरायली नीतियों की आलोचना की

महासभा में जॉर्डन के शाह King Abdullah II ने भी गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई और वेस्ट बैंक में चल रही नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की कि वह इस मामले में सख्त कदम उठाए। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा इजरायली सरकार गाजा में युद्ध को लंबा खींच रही है और शांति प्रयासों में रुकावट पैदा कर रही है।

शाह अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि वेस्ट बैंक में इजरायल की नीतियां बस्तियों के विस्तार और हिंसा को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे फलस्तीनियों को गाजा के एक तिहाई से भी कम हिस्से में सिमटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस जंग को खत्म करने और शांति की राह तलाशने के लिए कड़ा प्रयास किया था, लेकिन इजरायल लगातार अपनी शर्तों को बदलकर नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा रहा है।

दो-राज्य समाधान ही शांति का एकमात्र रास्ता: यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने पूरे मामले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि फलस्तीन, इजरायल और पूरे क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और सुरक्षा बनाए रखने का सिर्फ एक ही विश्वसनीय रास्ता है, और वह है Two-State solution (दो-राज्य समाधान)।

यूएन प्रमुख ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य पूरी तरह तय है, जिसके तहत दो स्वतंत्र, संप्रभु और लोकतांत्रिक देश यानी इजरायल और फलस्तीन, शांति और सुरक्षा के साथ एक-दूसरे के पड़ोस में रहें। उन्होंने कहा कि इस संकट से निकलने का इसके अलावा कोई दूसरा व्यावहारिक विकल्प नहीं है।

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