ऊर्जा बाजार में 2027 तक बनी रहेगी अस्थिरता, IEA चीफ फातिह बिरोल ने दी चेतावनी
IEA चीफ फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा बाजार 2027 तक सामान्य नहीं होगा।

सिंगापुर: इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार के 2027 तक अपने पुराने स्वरूप में लौटने की संभावना कम है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को सिंगापुर इंटरनेशनल एनर्जी वीक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए बिरोल ने चेतावनी दी कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अलग-अलग रूपों में बना रहेगा।
बिरोल के मुताबिक, निकट भविष्य में बाजार के सामान्य होने का कोई विश्वसनीय रास्ता नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आने वाले सर्दियों के मौसम को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि डीजल जैसे रिफाइंड उत्पादों की मांग बढ़ने और रिफाइनरियों के रखरखाव के चलते इनकी कमी हो सकती है।
इससे पहले 23 अक्टूबर 2026 को बिरोल ने संकेत दिया था कि मौजूदा ऊर्जा कीमतों को बनाए रखने के लिए दुनिया के पास अब ज्यादा बफर जोन नहीं बचे हैं। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना शर्त फिर से खोलने की मांग भी की थी। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले ही इशारा कर दिया है कि इस जलमार्ग का प्रबंधन युद्ध से पहले जैसा नहीं होगा।
मार्च 2026 में बिरोल ने इस संकट को 1970 के दशक के तेल झटकों और 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले से भी अधिक गंभीर बताया था। उनके अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक आपूर्ति से लगभग 11 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम हो गए।
क्षेत्रीय तनाव के बीच रियाद की ओर बढ़ी हूती बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने और यूएई के पास टैंकरों पर ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिसके कारण वहां स्थानीय समुद्र तट बंद करने पड़े। बिरोल ने वैश्विक सरकारों और व्यवसायों से ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
बिरोल ने बताया कि हालांकि मध्य पूर्व से कच्चे तेल का निर्यात हाल ही में युद्ध पूर्व स्तर के करीब पहुंच गया है, लेकिन सैन्य कार्रवाई का खतरा बाजार में अनिश्चितता बनाए हुए है। इसी वजह से उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि यह संकट 2027 तक ऊर्जा क्षेत्रों को प्रभावित करता रहेगा।