"वर्ल्ड कप के लिए गंभीर चुनौती बनना चाहते हैं", मैकुलम ने टीम इंग्लैंड पर जताया भरोसा
पाकिस्तान ट्राई-सीरीज में फाइनल में जगह नहीं बना पाया इंग्लैंड, लेकिन कोच ब्रेंडन मैकुलम ने इसे वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए अहम बताया।

लाहौर (पाकिस्तान): पाकिस्तान में खेली गई ट्राई-सीरीज के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहने के बावजूद इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि यह अभियान अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए एक मूल्यवान अनुभव साबित होगा।
इंग्लैंड ने लाहौर में श्रीलंका के खिलाफ कड़ी टक्कर के बाद जीत दर्ज की, जिससे उनकी लगातार तीन मैचों की हार का सिलसिला टूट गया। मैकुलम ने टीम के इस जज्बे की तारीफ की और कहा कि यह अनुभव अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम को भविष्य की चुनौतियों के लिए मजबूत बनाने में मदद करेगा।
स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए मैकुलम ने कहा, "हम बैठकर यह आकलन करेंगे कि हमने क्या सही किया और कहां कमी रह गई, ताकि हम खुद को और बेहतर बना सकें।" उन्होंने आगे कहा, "हम एक ऐसी टीम बनना चाहते हैं जो 12 महीने बाद होने वाले वर्ल्ड कप में गंभीर चुनौती पेश कर सके। हमें पता है कि सुधार की जरूरत है और मुझे यकीन है कि हम इन सबक से सीखेंगे।"
मैच की बात करें तो श्रीलंका ने 387 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 40 ओवरों में 300/5 रन बना लिए थे, जिससे इंग्लैंड की चौथी लगातार हार तय लग रही थी। श्रीलंका के पवन रथनायके ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ा। हालांकि, इंग्लैंड ने आखिरी 10 ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जो वह पिछले मैचों में नहीं कर पाया था।
लियाम डॉसन ने 49 रन देकर 4 विकेट लेकर गेंदबाजी का नेतृत्व किया, जबकि सैम करन और हेनरी क्रोकोम्ब ने भी अहम विकेट लिए। इन कोशिशों की बदौलत इंग्लैंड ने 55 रनों से जीत दर्ज की। मैकुलम ने इस प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि दबाव में उनके खिलाड़ियों ने कैसी प्रतिक्रिया दी।
इस सीरीज में इंग्लैंड के कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत तौर पर अच्छा प्रदर्शन किया। हैरी ब्रूक ने श्रीलंका के खिलाफ अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 202 रन बनाए, जबकि बेन डकेट ने अंतिम दो मैचों में लगातार शतक लगाए। टॉम बैंटन ने भी ऊपरी क्रम में योगदान देते हुए टूर्नामेंट में तीन अर्धशतक लगाए।
सीरीज के आखिरी तीन मैचों में वरिष्ठ स्पिनर आदिल राशिद की जगह मौका पाने वाले लियाम डॉसन ने शानदार प्रदर्शन किया। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने 21.42 की औसत से कुल सात विकेट लिए। मैकुलम ने डॉसन की तारीफ करते हुए कहा कि वह ऐसी टीम चाहते हैं जो अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार अपनी टीम का चयन बदल सके।
मैकुलम के मुताबिक, इस टूर्नामेंट में तीनों टीमों के लिए लेगस्पिन की भूमिका ज्यादा नहीं रही, इसलिए उन्होंने बाएं हाथ के स्पिन के प्रभाव पर जोर दिया। अब इंग्लैंड की अगली चुनौती ऑस्ट्रेलिया का दौरा है, जहां टीम 13 नवंबर से तीन वनडे खेलने से पहले एक वार्म-अप मैच खेलेगी।