मिडिल ईस्ट संकट पर एर्दोगान का बड़ा बयान, इसराइल पर लगाया शांति समझौता तोड़ने का आरोप.

Nura Basta7 September 20263 min read44 viewsUAE
मिडिल ईस्ट संकट पर एर्दोगान का बड़ा बयान, इसराइल पर लगाया शांति समझौता तोड़ने का आरोप.

तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने 7 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान देते हुए इसराइल पर मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष को भड़काने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इसराइल जानबूझकर शांति के प्रयासों को नाकाम कर रहा है और इसी वजह से जून महीने में हुआ 'इस्लामाबाद समझौता' भी फेल हो गया। अंकारा में कैबिनेट की बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस इसराइल की चालबाजी और उकसावे की वजह से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ रही है और तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। इस युद्ध का असर ईरान के आम लोगों से लेकर गल्फ देशों और पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक कट्टर सोच वाले लोग शांति को खतरा मानेंगे, तब तक यह क्षेत्रीय संकट खत्म नहीं होगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तुर्की अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और इस लड़ाई से दूर रहने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

दूसरी तरफ गल्फ और दुनिया के दूसरे हिस्सों में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका लगातार कूटनीतिक दबाव बना रहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को UN Security Council के पास भेजा जाए। अमेरिका का कहना है कि परमाणु निरीक्षकों को यूरेनियम के स्टॉक की जांच करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अमरीकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बिना चालक वाले जहाज को निशाना बनाया था। उधर ईरान ने भी जवाबी कदम उठाते हुए गल्फ क्षेत्र में एक नया प्रतिबंधित जोन और शिपिंग कॉरिडोर बनाने का ऐलान कर दिया है। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भविष्य में ईरान के हितों के खिलाफ कोई भी कदम उठाया गया, तो उसका बहुत तेज और दर्दनाक जवाब दिया जाएगा। इस तनाव के बीच भारतीय प्रवासियों और गल्फ में रहने वाले लोगों के लिए भी चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि क्षेत्र में लगातार सैन्य गतिविधियां जारी हैं।

गल्फ देशों पर आर्थिक असर और सुरक्षा चिंताएं

संयुक्त राष्ट्र की फिलिस्तीनी क्षेत्रों की विशेष रैपपोर्टयर Francesca Albanese ने गहरी चिंता जताई है कि गाजा में इसराइली सेना द्वारा मलबे को हटाने से ऐसे सबूत नष्ट हो सकते हैं जो युद्ध अपराधों से जुड़े थे। इसी बीच UAE के राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने यह पुष्टि की है कि यूएई अपनी अर्थव्यवस्था को अमेरिका-ईरान युद्ध के बुरे प्रभावों से बचाने के लिए नए व्यापार और ऊर्जा मार्ग तैयार कर रहा है। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि बाकी गल्फ अरब देशों की तरफ से इस संकट पर कोई मिला-जुला और ठोस जवाब नहीं दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लेबनान और गाजा में लगातार सैन्य हमले जारी हैं, और अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने से यह क्षेत्रीय संघर्ष और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। गल्फ में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह समय काफी सावधानी से चलने का है क्योंकि लगातार बढ़ते तनाव का असर सीधे तौर पर कारोबार और ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप Turkish Directorate of Communications की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

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