UN में एर्दोगन का बड़ा बयान, गाजा को बताया हमारे समय का सबसे अमानवीय कैंप.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने गाजा के हालात पर गंभीर चिंता जताई है। 22 सितंबर को दिए अपने संबोधन में उन्होंने गाजा की स्थिति को बेहद दयनीय बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़े कदम उठाने की अपील की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गाजा आज के समय का सबसे अमानवीय और शर्मनाक कंसंट्रेशन कैंप बन चुका है, जहां आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति की यात्रा पर रोक का जिक्र
अपने भाषण की शुरुआत करते हुए तुर्किये के राष्ट्रपति ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास की संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए न्यूयार्क यात्रा पर लगी रोक का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस रोक को फिलिस्तीनियों के साथ सीधा अन्याय करार दिया। उन्होंने दोहराया कि तुर्की हमेशा से एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन में आवाज उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा।
बच्चों की मौत और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
एर्दोगन ने गाजा में हो रही भारी तबाही और मासूम बच्चों पर पड़ रहे भयंकर प्रभावों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गाजा दुनिया का ऐसा क्षेत्र बन गया है जहां बच्चों की मौत के आंकड़े सबसे ज्यादा हैं और बाल अंग-विच्छेदन की दर भी अत्यधिक बढ़ गई है। युद्ध के कारण छोटे-छोटे बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं या गंभीर रूप से विकलांग हो रहे हैं, जिसे दुनिया लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं कर सकती है।
युद्धविराम और राजनीतिक विफलता
अपने संबोधन में उन्होंने पिछले साल अमेरिका की मध्यस्थता में हुए इजराइल-हमास युद्धविराम समझौते का भी जिक्र किया। उनके अनुसार यह शांति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके परिणामस्वरूप गाजा में बेकसूर फिलिस्तीनियों की जान जाने का सिलसिला लगातार जारी रहा। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक देश या राजनीतिक दल का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता और इंसानियत की अंतरात्मा से जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा सवाल है।
अंत में उन्होंने दुनिया के तमाम बड़े नेताओं से अपील की कि वे इस विकट परिस्थिति में उदासीन न रहें। न्याय और मानवीय संवेदनाओं को मानने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए गाजा के इन डरावने हालातों को अनदेखा करना संभव नहीं है। इस पूरी खबर के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Hindusthan Samachar की वेबसाइट पर जा सकते हैं।