ईस्ट तुर्किस्तान की आजादी के लिए ETGE ने तुर्की की राजनीतिक पार्टियों से मांगा समर्थन
ईस्ट तुर्किस्तान गवर्नमेंट-इन-एक्सिल (ETGE) ने तुर्की की राजनीतिक पार्टियों से मुलाकात कर चीन के कब्जे से आजादी और समर्थन की मांग की है।

अंकारा (तुर्की): ईस्ट तुर्किस्तान गवर्नमेंट-इन-एक्सिल (ETGE) ने अंकारा में होने वाले ऑर्गनाइजेशन ऑफ तुर्किक स्टेट्स (OTS) शिखर सम्मेलन से पहले तुर्की की कई राजनीतिक पार्टियों और तुर्किक संस्थानों के साथ बातचीत की है। इस दौरान ETGE ने ईस्ट तुर्किस्तान के विऔपनिवेशीकरण, आत्मनिर्णय और स्वतंत्रता की बहाली के लिए राजनयिक, संसदीय और कानूनी समर्थन की मांग की है।
ETGE द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस प्रतिनिधिमंडल में तुर्की में रह रहे प्रवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले ईस्ट तुर्किस्तान पार्लियामेंट-इन-एक्सिल के सदस्य और ईस्ट तुर्किस्तान नेशनल फंड के अध्यक्ष सैफुल्लाह अब्दुकदिर शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने अनाहतर पार्टी, AK पार्टी, नेशनलिस्ट मूवमेंट पार्टी (MHP), ग्रेट यूनिटी पार्टी (BBP), रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (CHP) और İYİ पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
इन मुलाकातों में अनाहतर पार्टी के अध्यक्ष यावुज अगीरालिओग्लू, AK पार्टी के उपाध्यक्ष कुर्शाद ज़ोरलू, MHP के उपाध्यक्ष मेवलुट कराकाया, İYİ पार्टी के उपाध्यक्ष डॉ. जेनक ओज़ाटिसी और हकान शेरेफ ओलगुन, BBP के उपाध्यक्ष प्रो. डॉ. अहमत एमिन सेरिन और BBP के इस्तांबुल प्रांतीय अध्यक्ष सुल्तान सेलिम सिमसेक जैसे नेता शामिल थे। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने ऑर्गनाइजेशन ऑफ तुर्किक स्टेट्स का दौरा किया और यूनियन ऑफ तुर्किक वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन व तुर्किक वर्ल्ड यूथ यूनियन कांग्रेस के प्रतिनिधियों से भी बैठकें कीं।
प्रतिनिधिमंडल ने इन मुलाकातों के दौरान "ईस्ट तुर्किस्तान कभी चीन का हिस्सा नहीं था और इसकी स्वतंत्रता की बहाली ही एकमात्र रास्ता है" शीर्षक वाला एक व्हाइट पेपर पेश किया। साथ ही, राजनयिक और कानूनी सहायता के लिए एक पत्र भी सौंपा गया। ETGE ने तुर्की से आग्रह किया कि वह ईस्ट तुर्किस्तान में चीन के कब्जे और वहां चल रहे नरसंहार को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में नेतृत्व की भूमिका निभाए।
संगठन ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) में दर्ज नरसंहार की शिकायत और संयुक्त राष्ट्र में विऔपनिवेशीकरण के लिए दिए गए आवेदन पर तुर्की के समर्थन की मांग की। साथ ही, उन्होंने OTS और ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) में ETGE को ऑब्जर्वर स्टेटस देने की अपील की, ताकि तुर्किक और मुस्लिम मंचों पर ईस्ट तुर्किस्तान के लोगों का संस्थागत प्रतिनिधित्व हो सके।
इस अवसर पर ETGE ने अनाहतर पार्टी के अध्यक्ष यावुज अगीरालिओग्लू, BBP अध्यक्ष मुस्तफा डेस्टिसी, लेखक ताहा किलिंच और QHA-क्रीमियन समाचार एजेंसी को 'ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप' से सम्मानित किया। संगठन के अनुसार, यह सम्मान राजनीतिक वकालत और पत्रकारिता के जरिए ईस्ट तुर्किस्तान की स्थिति को उजागर करने और स्वतंत्रता के राष्ट्रीय उद्देश्य का समर्थन करने के लिए दिया गया है।
ETGE के अध्यक्ष डॉ. ममतिमिन अला ने कहा कि ईस्ट तुर्किस्तान का भविष्य उसके अपने लोगों द्वारा तय किया जाना चाहिए, जो चीनी कब्जे और औपनिवेशिक प्रभुत्व से मुक्त हों। उन्होंने तुर्की और अन्य तुर्किक एवं मुस्लिम देशों से अपील की कि वे इस एकजुटता को ईस्ट तुर्किस्तान की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय न्याय के समर्थन में निरंतर राजनयिक कार्रवाई में बदलें।