Manchester City विवाद: Etihad Airways ने कानूनी सलाह लेने का किया फैसला

यूएई स्थित प्रमुख एयरलाइन, Etihad Airways ने मैनचेस्टर सिटी एफसी (Manchester City FC) के खिलाफ प्रीमियर लीग की स्वतंत्र आयोग की हालिया रिपोर्ट के बाद कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श लेने की घोषणा की है। यह कदम तब उठाया गया है जब आयोग ने क्लब पर वित्तीय नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्रीमियर लीग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक स्वतंत्र आयोग ने पाया है कि मैनचेस्टर सिटी ने 2009/10 से 2017/18 तक के नौ सत्रों के दौरान वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया है। आयोग का दावा है कि क्लब ने राजस्व को बढ़ाकर दिखाने और लागत को कम करने के लिए 'फर्जी' (sham) वाणिज्यिक अनुबंधों का उपयोग किया।
आरोपों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 900 मिलियन पाउंड (करीब 1.2 बिलियन डॉलर) का अंतर पैदा करने की कोशिश की गई। इसके अलावा, क्लब पर जांच में सहयोग न करने का भी आरोप लगाया गया है।
Etihad Airways ने आरोपों को नकारा
30 सितंबर, 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में, Etihad Airways ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनुचित वाणिज्यिक व्यवस्था में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है।
एयरलाइन ने प्रीमियर लीग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। कंपनी का कहना है कि:
- जांच प्रक्रिया के दौरान एयरलाइन से कोई संपर्क नहीं किया गया।
- कंपनी को अपनी छवि खराब होने से बचाने के लिए अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।
- प्रीमियर लीग द्वारा सूचनाओं के खुलासे में पारदर्शिता की कमी देखी गई है।
इन सबके बावजूद, एतिहाद एयरवेज ने मैनचेस्टर सिटी के साथ अपने पुराने और लंबे समय से चले आ रहे साझेदारी को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
क्लब और मैनेजर का रुख
मैनचेस्टर सिटी, जिसका स्वामित्व अबू धाबी यूनाइटेड ग्रुप (ADUG) के पास है, ने भी इन आरोपों को गलत बताया है। क्लब का कहना है कि आयोग के निष्कर्षों में कानून और तथ्यों की स्पष्ट गलतियां हैं। क्लब के पास 2 अक्टूबर, 2026 तक इस फैसले के खिलाफ औपचारिक अपील दायर करने का समय है।
वहीं, टीम के मैनेजर Pep Guardiola ने भी इस विवाद के बीच क्लब के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया है।
क्या हो सकती हैं सजाएं?
यदि ये आरोप साबित हो जाते हैं, तो प्रीमियर लीग मैनचेस्टर सिटी पर कड़े प्रतिबंध लगा सकती है, जिनमें शामिल हैं:
- भारी जुर्माना लगाना।
- पॉइंट्स काटना (Points deduction)।
- ट्रांसफर बैन लगाना।
- लीग से निष्कासन (Expulsion) तक की संभावना।