सऊदी अरब पर हूती हमलों से यूरोपियन यूनियन नाराज़, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बताया बड़ा खतरा.

Sushma Kumari18 September 20262 min read41 viewsSaudi
सऊदी अरब पर हूती हमलों से यूरोपियन यूनियन नाराज़, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बताया बड़ा खतरा.

यूरोपियन यूनियन ने सऊदी अरब पर हाल ही में हुए हूती हमलों की कड़ी निंदा की और इसे दुनिया भर की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। 18 सितंबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बयान में यूरोपीय संघ ने इन हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया है। इस मामले में यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने स्पष्ट किया कि ऐसी सैन्य कार्रवाइयां आर्थिक स्थिरता को कमजोर करती हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समुद्री रास्तों का खुला रहना और उन पर किसी तरह का टोल न लगना बेहद जरूरी है, ताकि व्यापार में कोई रुकावट न आए।

सऊदी विदेश मंत्री के साथ हुई चर्चा

हाल ही में काजा कैलास ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल-सउद के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य यमन संघर्ष को सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाना और हॉर्मूज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा करना था। सऊदी प्रेस एजेंसी के हवाले से यूरोपीय संघ के एक प्रवक्ता ने दोहराया कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्यवाहियों से यमन में शांति स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को झटका लगता है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगता है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष का बयान और नौसेना मिशन

यह बयान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्वारा 14 सितंबर 2026 को की गई घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा के लिए यूरोपीय संघ के लगातार समर्थन का वादा किया था। सुरक्षा स्थिति के लगातार बिगड़ने के कारण, यूरोपीय संघ ने लाल सागर में अपने नौसेना मिशन ऑपरेशन एस्पिडेस के लिए अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप सऊदी प्रेस एजेंसी की रिपोर्ट देख सकते हैं। यूरोपीय संघ यमन में स्थायी शांति हासिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संघ ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय कानून और नेविगेशन की स्वतंत्रता से जुड़े संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2722 और 2826 के पालन के महत्व पर भी जोर दिया है।

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