Saudi Arabia पर हूती हमलों से EU प्रमुख नाराज, कहा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह खतरनाक.

यूरोपीय संघ यानी EU की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इन हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया और कहा कि यह सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा रहे हैं। सोशल मीडिया पर जारी किए गए अपने एक बयान में उन्होंने क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तनाव को देखते हुए सुरक्षा इंतजामों को तुरंत पुख्ता करने पर जोर दिया। इस गंभीर स्थिति के बाद, यूरोपीय संघ की अधिकारी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan के साथ उच्च स्तर की बातचीत की, ताकि यमन संघर्ष के कूटनीतिक समाधान निकाले जा सकें और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखा जा सके।
समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन
बातचीत के दौरान EU प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्र में जहाजों का आना-जाانا बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी टोल के होना चाहिए। उन्होंने इसके लिए संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून के नियमों और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का हवाला दिया। वर्तमान हालात को देखते हुए यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन Operation Aspides ने कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए अपने अलर्ट स्तर को काफी बढ़ा दिया है। इस संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों और काम के सिलसिले में वहां मौजूद प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है। सऊदी अरब और हूती गुटों के बीच सीमा पार से होने वाले हमलों में काफी तेजी आई है, जिससे वहां की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
सऊदी अरब में ड्रोन हमले से नुकसान और मानवीय संकट
सऊदी अधिकारियों ने हाल ही में देश के पश्चिमी शहर ताइफ के पास मलबे की चपेट में आने से एक यमनी नागरिक की मौत की पुष्टि की, जो ड्रोन हमले में देश में हुई पहली आधिकारिक मौत है। इससे पहले भी कई हमलों में 80 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। दूसरी ओर, हूती नियंत्रित मीडिया ने दावा किया कि सऊदी सेना ने हज्jah प्रांत और ताइज़ के पास हवाई حمل किए और उन्होंने एक सऊदी F-15 फाइटर जेट को भी मार गिराने का दावा किया। समुद्री रास्तों पर सुरक्षा अभी भी एक बड़ा सवाल बनी हुई है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अवैध आवाजाही के दौरान टोगो के झंडे वाले एक ऑयल टैंकर में आग लग गई। इस लगातार जारी हिंसा की वजह से अब तक कम से कम 125,000 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस संघर्ष में अब तक 8 आम नागरिकों की मौत और 32 लोग घायल हो चुके हैं। अमेरिका इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है, लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump ने सऊदी अरब की तरफ से हूती विद्रोहियों पर सीधी सैन्य कार्रवाई की मांग को फिलहाल ठुकरा दिया है, हालांकि वे ईरान पर फिर से हमले शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। याद रहे कि इससे पहले 23 जुलाई 2026 को भी Kaja Kallas ने सऊदी समुद्री मार्गों को रोकने की हूती धमकियों और ऑयल टैंकरों पर हमलों की आलोचना की थी और चेतावनी दी थी कि ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं।