गाजा से फलस्तीनियों को हटाने की इसराइली योजना को यूरोपियन यूनियन ने नकारा, साफ कही ये बड़ी बात.

Nura Basta4 September 20262 min read37 viewsWorld
गाजा से फलस्तीनियों को हटाने की इसराइली योजना को यूरोपियन यूनियन ने नकारा, साफ कही ये बड़ी बात.

यूरोपियन यूनियन ने गाजा पट्टी से फलस्तीनियों को जबरन हटाने की किसी भी कोशिश को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इसके साथ ही वहां की आबादी और जमीन में किसी भी तरह के बदलाव के प्रयास को भी गलत बताया गया है। इस बात की जानकारी यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता Christian Wigand ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गाजा के लोगों को जबरन वहां से नहीं निकाला जाना चाहिए और गाजा भविष्य के फलस्तीनी राज्य का एक अहम हिस्सा रहेगा।

यह पूरा मामला इसराइली अधिकारियों के बयानों और प्रस्तावों के सामने आने के बाद शुरू हुआ। इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir ने 4 सितंबर 2026 को Disengagement 710 नाम से एक प्रस्ताव पेश किया था। इस योजना के तहत अगले सात सालों में गाजा से करीब 18.6 लाख फलस्तीनियों को बाहर भेजने की बात कही गई है। इस प्लान में वहां से जाने वालों को पैसों और सामान से मदद देने की बात भी शामिल है। हालांकि आलोचकों का मानना है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए इस तरह के जाने को अपनी मर्जी से जाना नहीं कहा जा सकता है। इसके अलावा इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी यह स्वीकार किया था कि इसराइल गाजा से फलस्तीनियों को हटाने की दिशा में काम कर रहा है। यूरोपीय अधिकारियों ने इन बयानों को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है।

ऑरेंज लाइन और क्षेत्रीय बदलावों का विरोध

यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रवक्ता Anwar Al-Anouni ने इसराइल द्वारा Orange Line शुरू किए जाने के फैसले का भी औपचारिक रूप से विरोध किया। इस नई लाइन के जरिए गाजा के भीतर इसराइल के नियंत्रण वाले इलाके को बढ़ाने की बात सामने आई थी। यूरोपियन यूनियन का यह रुख संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2735 के बिल्कुल मेल खाता है। यूरोपीय संघ की कूटनीतिक कोशिशों में गाजा और वेस्ट बैंक को एक साझा फलस्तीनी प्रशासन के तहत लाना भी शामिल है।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने हाल ही में कई अरब और इस्लामिक देशों के मंत्रियों के साथ एक साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस घोषणा में गाजा या वेस्ट बैंक से फलस्तीनियों को दूसरी जगह भेजने का कड़ा विरोध किया गया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने भी हमेशा से लोगों को जबरन हटाने के खिलाफ बात कही है। हालांकि इस बात पर संगठन के भीतर अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है कि इसराइल पर कड़े व्यापारिक प्रतिबंध लगाए जाएं या नहीं। पिछले दिनों आयरलैंड और स्पेन जैसे देशों के विरोध के कारण यूरोपीय विदेश मंत्रियों की बैठक में इसराइल के खिलाफ प्रतिबंधों पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया था।

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