यूरोपीय संघ का बड़ा कदम, फ्रांस से निकाली गई रूसी टिप्पणीकार फेडोरोवा पर लगाया प्रतिबंध

यूरोपीय संघ ने रूस की मीडिया हस्ती और आरटी फ्रांस की पूर्व वरिष्ठ अधिकारी जेनिया फेडोरोवा पर आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय पर की गई है जब पिछले महीने ही उन्हें फ्रांस से देश छोड़ने का आदेश देकर निष्कासित किया गया था। फ्रांसीसी अधिकारियों ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे कि वह देश के भीतर क्रेमलिन समर्थक प्रचार को बढ़ावा दे रही थीं और रूस की गतिविधियों के पक्ष में लगातार काम कर रही थीं। इस पूरी घटना के बाद से यूरोपीय देशों में रूसी मीडिया और प्रभाव से जुड़े लोगों पर शिकंजा और ज्यादा कसता जा रहा है।
यूरोपीय संघ का कड़ा रुख
कुल 27 देशों के संगठन यूरोपीय संघ ने अपने प्रतिबंध से जुड़े फैसले में यह साफ किया कि 45 वर्षीय जेनिया फेडोरोवा फ्रांस के साथ-साथ पूरे यूरोपीय संघ के क्षेत्र में रूस के पक्ष में माहौल बनाने और विचारों के प्रसार में काफी सक्रिय रही हैं। यूरोपीय संघ का मानना है कि ये सारी गतिविधियां यूक्रेन के खिलाफ रूस के चल रहे युद्ध के संदर्भ में ही अंजाम दी जा रही थीं। संघ का यह भी कहना है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी तरह की बाहरी दखलंदाजी और गलत सूचनाओं के प्रसार को बिल्कुल सहन नहीं करेंगे।
न्यायिक प्रक्रिया के बाद हुई कार्रवाई
जेनिया फेडोरोवा को पिछले साल यानी अगस्त के महीने में फ्रांस से औपचारिक रूप से निष्कासित किया गया था। इस कार्रवाई से पहले उन्होंने स्थानीय अदालतों में उस न्यायिक फैसले के खिलाफ अपील भी की थी जिसके तहत उन्हें फ्रांस छोड़ने का आदेश दिया गया था। हालांकि अदालत द्वारा उनकी अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया गया जिसके बाद उनके निष्कासन का रास्ता साफ हो गया। इसके बाद फ्रांसीसी प्रशासन ने अपने नियमों के तहत उन्हें देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री का बयान
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि फ्रांस और पूरा यूरोपीय संघ मिलकर अपने क्षेत्र में रूस की उन सभी गतिविधियों को लगातार रोकते रहेंगे जिनसे देश की आंतरिक शांति और सुरक्षा में अस्थिरता पैदा होती है। उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारे लोकतंत्र के खिलाफ किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को बिना किसी परिणाम के आगे बढ़ने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। सरकार ऐसे मामलों में पूरी तरह सख्त रुख अपना रही है ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
फेडोरोवा का पुराना और नया पक्ष
आपको बता दें कि फेडोरोवा फ्रांस में रूस टुडे यानी आरटी के फ्रांसीसी चैनल की प्रमुख के रूप में काम कर चुकी हैं। साल 2022 में जब रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया था, उसके तुरंत बाद ही फ्रांस सरकार ने आरटी चैनल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं दूसरी ओर, जेनिया फेडोरोवा ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका साफ कहना है कि उनके खिलाफ की गई यह कार्रवाई और प्रतिबंध पूरी तरह से सेंसरशिप का एक हिस्सा है। उनका यह भी तर्क है कि जब अधिकारियों द्वारा निष्कासन का आदेश लागू किया गया था, उस वक्त वह अपनी छुट्टियां बिताने के लिए फ्रांस से बाहर मौजूद थीं।