अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से यूरोप को 100 अरब यूरो से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है

ब्रसेल्स: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष की वजह से यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को 100 अरब यूरो (112 अरब डॉलर) से अधिक का वित्तीय बोझ उठाना पड़ा है। ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद की बैठक में पहुंचने पर उन्होंने इस संघर्ष को अवैध और अनुचित बताया।
सांचेज के मुताबिक, इस टकराव के कारण ऊर्जा की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर यूरोपीय नागरिकों की खरीदने की क्षमता और क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों की प्रतिस्पर्धा पर पड़ा है। उन्होंने इस भारी वित्तीय नुकसान की तुलना यूरोपीय संघ के कृषि बजट के कुल वार्षिक खर्च से की।
इस आर्थिक दबाव से निपटने के लिए स्पेन सरकार ने 12 अरब यूरो (13.4 अरब डॉलर) के सहायता पैकेज को मंजूरी दी है। यह मदद स्पेन के तीसरे एंटी-क्राइसिस पैकेज का हिस्सा है। इसका मकसद उन परिवारों, कंपनियों और क्षेत्रों को बचाना है जो ईंधन की बढ़ती कीमतों से प्रभावित हुए हैं।
प्रधानमंत्री सांचेज ने 16 अक्टूबर 2026 को स्पेनिश कांग्रेस से इन राहत उपायों को मंजूरी देने वाले शाही फरमान की पुष्टि करने का औपचारिक अनुरोध किया।
क्षेत्रीय संकट तब गहरा गया जब फरवरी 2026 में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सर्वोच्च नेता अली खमेनी की मौत हो गई। हालांकि जून में पाकिस्तान की मध्यस्थता से अस्थायी युद्धविराम हुआ था, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
17 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में अमेरिकी वायु सेना के टैंकर विमानों की आवाजाही बढ़ी है। वहीं ईरानी सैन्य अधिकारियों ने ऊर्जा और परमाणु बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों की चेतावनी दी है। अमेरिका इस समय ईरानी बैंकों पर नए प्रतिबंध लागू कर रहा है, जबकि यमन में मिसाइल हमलों और वेस्ट बैंक में अस्थिरता जारी है।