यूरोपीय संसद और खाड़ी देशों की विधायी परिषदों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की

ब्रसेल्स: यूरोपीय संसद और खाड़ी देशों की विधायी परिषदों ने एक साझा बयान जारी कर खाड़ी देशों पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। 16 अक्टूबर 2026 को जारी इस बयान में पवित्र स्थलों, नागरिक हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर गहरा रोष जताया गया है।
इन विधायी निकायों ने इन हमलों के खिलाफ खाड़ी देशों और वहां के लोगों के साथ पूरी एकजुटता जाहिर की है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि खाड़ी देशों को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
बयान में मांग की गई है कि ईरान और उसके सहयोगी बिना किसी शर्त के तुरंत सभी हमलों को रोकें। इसमें सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई है, जो खाड़ी देशों और जॉर्डन के खिलाफ ईरानी आक्रामकता की निंदा करता है।
समुद्री सुरक्षा को लेकर साझा बयान में सऊदी नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन और यूरोपीय नौसेना अभियानों के बीच बेहतर समन्वय की अपील की गई है। इसका मकसद लाल सागर, होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडब में समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।
दस्तावेज़ में ईरान और उसके एजेंटों से नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री मार्ग के अधिकार का सम्मान करने की मांग की गई है। साथ ही, समुद्री और साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा में खाड़ी-यूरोपीय सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस साझेदारी में ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए खाड़ी और यूरोपीय देशों के बीच सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया गया है।