यूरोपीय संसद ने हूती मिलिशिया को आतंकवादी संगठन घोषित करने और उनकी फंडिंग रोकने के लिए यूरोपीय संघ से मांग की
यूरोपीय संसद ने सऊदी अरब और यमन के प्रति एकजुटता जताते हुए हूती मिलिशिया को आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया।

ब्रसेल्स: यूरोपीय संसद के सदस्यों ने गुरुवार को एक प्रस्ताव पारित कर हूती मिलिशिया को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है। संसद ने इस प्रस्ताव के जरिए सऊदी अरब और यमन की वैध सरकार के प्रति अपनी एकजुटता जताई है और दोनों देशों की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
संसद ने सऊदी अरब पर हूती मिलिशिया द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। यमन के भीतर बढ़ते सैन्य तनाव को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हमलों की वजह से बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं और लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे यमन का मानवीय संकट और गहरा गया है।
प्रस्ताव में यूरोपीय संघ की परिषद से अपील की गई है कि वह हूती आंदोलन के राजनीतिक और सैन्य विंग, उनके नेतृत्व और सुरक्षा तंत्र को यूरोपीय संघ की आतंकवादी सूची में शामिल करे। इसके साथ ही संसद ने समूह के फंडिंग चैनलों को खत्म करने और उनके आर्थिक संसाधनों व संपत्तियों को फ्रीज करने की भी मांग की है।
यूरोपीय संसद ने मांग की है कि हूती मिलिशिया तुरंत सभी तरह की शत्रुता बंद करे और अपने क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को छोड़ दे। साथ ही सऊदी ऊर्जा बुनियादी ढांचे और लाल सागर व बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को रोकने को कहा गया है।
इस resolution के माध्यम से यूरोपीय संघ और उसके खाड़ी सहयोगियों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की वकालत की गई है।