यूरोपीय संसद ने हूती आंदोलन को आतंकवादी संगठन घोषित करने और उनके फंड फ्रीज करने की मांग की
यूरोपीय संसद ने हूती आंदोलन को आतंकवादी संगठन घोषित करने और उनके फंड फ्रीज करने की मांग की है।

ब्रसेल्स: यूरोपीय संसद ने यूरोपीय संघ की परिषद से हूती आंदोलन को एक आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया है। गुरुवार को अपनाए गए इस प्रस्ताव में हूती समूह के सैन्य और राजनीतिक विंग, उसके नेतृत्व और सुरक्षा तंत्र को इसमें शामिल करने की बात कही गई है।
यह कदम विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के लिए यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास द्वारा दिए गए एक औपचारिक प्रस्ताव के बाद उठाया गया है। संसद ने मांग की है कि हूतियों और उनकी मदद करने वालों से जुड़े सभी आर्थिक संसाधनों और फंड को तुरंत फ्रीज कर दिया जाए। साथ ही समूह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी फाइनेंसिंग चैनलों को खत्म करने की मांग भी की गई है।
यूरोपीय सांसदों ने हूतियों द्वारा यमन में सैन्य हमलों, सऊदी अरब पर हमलों और संयुक्त अरब अमीरात व इजरायल पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। सांसदों ने लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक शिपिंग और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हूतियों के हमलों की भी आलोचना की।
संसद ने चेतावनी दी है कि इन व्यवधानों की वजह से ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं और यूरोपीय अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सभा ने ईरानी शासन की निंदा की, क्योंकि वह हूतियों को हथियार और पैसा मुहैया करा रहा है। साथ ही हूतियों, हिजबुल्लाह और अन्य सशस्त्र समूहों के बीच समन्वय की भी आलोचना की गई और गैर-राज्य अभिनेताओं को निशस्त्र करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
प्रस्ताव में सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई गई है और यमन की वैध सरकार के प्रति समर्थन दोहराया गया है। यूरोपीय संसद ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा के लिए सदस्य देशों से 'एस्पिडेस' (ASPIDES) समुद्री सुरक्षा अभियान में अतिरिक्त नौसेना और हवाई संपत्ति योगदान करने का आग्रह किया है। इसके अलावा, खाड़ी भागीदारों के साथ सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
मानवीय आधार पर संसद ने हूतियों से शत्रुता समाप्त करने और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने की मांग की है। यमन की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए सभा ने 'ग्लोबल यूरोप' इंस्ट्रूमेंट के माध्यम से मानवीय सहायता बढ़ाने का आह्वान किया है, बशर्ते इस बात की सख्त निगरानी हो कि फंड का उपयोग सही उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।