यूरोपीय संघ ने की ईरान की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा, यूएई और कुवैत पर हमलों से मची खलबली.

मध्य पूर्व में अचानक बढ़े तनाव के बीच यूरोपीय संघ यानी ईयू ने ईरान की सैन्य गतिविधियों पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। 5 सितंबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बयान में यूरोपीय संघ ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब पर हुए हमलों की तीखी आलोचना की है। इस ताजा तनाव की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और कामगारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे हर कोई सहमा हुआ है।
होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन
यूरोपीय संघ ने विशेष रूप से सऊदी अरब के उन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने पर दुख जताया जो स्ट्रेट ऑफ होरमुज यानी होरमुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे। संघ का कहना है कि ये सभी हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के पूरी तरह खिलाफ हैं। इस बारे में अधिक जानकारी आप WAM News की आधिकारिक रिपोर्ट में देख सकते हैं।
ईयू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प 2817 को पूरी तरह लागू करने की मांग की है। इस प्रस्ताव को 11 मार्च 2026 को अपनाया गया था, जो होरमुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में रुकावट डालने वाली हरकतों को साफ तौर पर रोकता है। इसके साथ ही यह खाड़ी देशों और जॉर्डन के अंदर रिहायशी इलाकों तथा आम लोगों की संपत्तियों को धमकाने की भी कड़ी निंदा करता है।
कुवैत और यूएई के एयरबेस पर मंडराया खतरा
यूरोपीय संघ के इस बयान के ठीक उसी समय क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार ईरानी सेना ने मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करके अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इसमें कुवैत का अहमद अल-जाबेर एयर बेस और यूएई का अल मिन्हाद एयर बेस भी शामिल है। ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी समेत कई ईरानी अधिकारियों ने यह साफ किया है कि होरमुज जलडमरूमध्य से आवाजाही पूरी तरह ईरान की मर्जी पर निर्भर रहेगी। दूसरी तरफ अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि तेहरान इस संघर्ष को लंबा खींचना चाहता है ताकि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक चक्रों को प्रभावित किया जा सके।
शांति और नागरिकों की सुरक्षा की अपील
यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और किसी भी ऐसी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी है जो क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाले या शांति की कोशिशों को कमजोर करे। संघ ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए हर जगह नागरिकों की सुरक्षा करने की सख्त जरूरत पर जोर दिया है। इस संबंध में पूरी बात आप WAM News पोर्टल पर पढ़ सकते हैं।