अमेरिका के नए रूस प्रतिबंध बिल पर भड़के पूर्व राजनायिक, कहा उनके पास अब कोई आइडिया नहीं बचा

Sushma Kumari17 September 20263 min read20 viewsIndia
अमेरिका के नए रूस प्रतिबंध बिल पर भड़के पूर्व राजनायिक, कहा उनके पास अब कोई आइडिया नहीं बचा

गुरुग्राम में पूर्व राजनायिक Anil Trigunayat ने अमेरिका द्वारा पास किए गए नए रूस प्रतिबंध बिल पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन के पास वैश्विक संकटों से निपटने के लिए अब कोई नए और अच्छे विचार नहीं बचे हैं। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने हाल ही में "Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026" को पास किया है, जिसके तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले बड़े देशों पर 100 फीसदी तक का भारी भरकम टैक्स या टैरिफ लगाया जा सकता है। इस बिल में भारत जैसे बड़े खरीदारों को भी निशाने पर लिया गया है, जिससे आने वाले समय में व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।

टैरिफ को बनाया जा रहा है मुख्य हथियार

पूर्व राजनायिक ने बातचीत के दौरान साफ तौर पर कहा कि अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस के पास आज के समय में केवल टैरिफ ही एकमात्र हथियार बचा है। उन्होंने सीनेटर Lindsey O. Graham और राष्ट्रपति Donald Trump की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे खुद द्वारा पैदा किए गए वैश्विक संकटों को संभाल नहीं पा रहे हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में इस विधेयक को 262 के मुकाबले 159 वोटों से मंजूरी मिली है। इससे पहले सीनेट ने भी 7 अगस्त को इसे 86 के मुकाबले 11 वोटों से पास कर दिया था। अब इस बिल को अंतिम मुहर के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा गया है, जिससे दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में हलचल तेज हो गई है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा असर

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय यानी MEA ने इस पूरे मामले पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। मंत्रालय का कहना है कि भारत अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार अलग-अलग जगहों से तेल आयात करके देश की जरूरतों को पूरा कर रही है। जानकारों का मानना है कि रूस से मिलने वाले सस्ते कच्चे तेल की वजह से ही भारत को मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट में सप्लाई की रुकावटों से निपटने में बहुत मदद मिली है। इसके बावजूद अमेरिका इस बात को ठीक से समझ नहीं पा रहा है और अपनी ताकत के नशे में ऐसे फैसले ले रहा है, जो अंत में खुद अमेरिका के लिए ही परेशानी का सबब बनेंगे।

भारत को मजबूत करनी होगी अपनी व्यापारिक व्यवस्था

पूर्व राजनायिक ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को भविष्य में ऐसी एकतरफा पाबंदियों से बचने के लिए खास इंतजाम करने होंगे। भारत अपने कुल कच्चे तेल का 70 से 80 फीसदी हिस्सा बाहर से आयात करता है। जब एक तरफ अमेरिका ईरान जैसे देशों के इलाकों में हमले करके वहां से होने वाली सप्लाई को बाधित करता है और दूसरी तरफ रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाता है, तो यह नीति पूरी तरह गलत साबित होती है। भारत को अपने व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तंत्र या स्पेशल पर्पस व्हीकल बनाने की जरूरत है, ताकि अमेरिका या किसी भी अन्य देश के एकतरफा फैसलों से देश का व्यापार और अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो सके।

Share:

Comments

Leave a comment