दक्षिणी ईरान और केशम द्वीप पर धमाके, अमेरिका ने की ओमान की खाड़ी में कार्रवाई
दक्षिणी ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबर से तनाव बढ़ा। ईरान ने मिसाइल हमले से इनकार किया, वहीं US ने एक जहाज पर हमला किया।

दक्षिणी ईरान: ईरान के दक्षिणी हिस्सों और केशम द्वीप सहित कई इलाकों में धमाकों की खबरों ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है। ये धमाके 7 नवंबर, 2026 की शाम से शुरू हुए और 8 नवंबर की सुबह तक जारी रहे। धमाकों की गूंज केशम द्वीप, बंदर अब्बास, जास्क और सिरिक जैसे इलाकों में सुनी गई।
शुरुआती खबरों के बाद क्षेत्र में चिंता फैल गई, लेकिन ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इन धमाकों को अमेरिकी मिसाइल हमले का नतीजा मानने से इनकार कर दिया है। तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, केशम द्वीप पर हुए धमाकों का मिसाइल गतिविधियों से कोई संबंध नहीं था।
रिपोर्ट्स में बताया गया कि ये धमाके रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे ईरानी सैन्य युद्धाभ्यास का हिस्सा थे। इसी दौरान ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने घोषणा की कि दो तेल टैंकरों में आग लग गई है। गार्ड कॉर्प्स के मुताबिक, ये जहाज एक अनधिकृत रास्ते से जा रहे थे और नौसैनिक माइन्स (naval mines) से टकरा गए।
जानकारी के अनुसार, इसी समय के दौरान एक तीसरे जहाज में भी आग लगने की खबर आई है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसने ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक जहाज के खिलाफ कार्रवाई की है। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज समुद्री नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिकी सेना ने एक विमान का इस्तेमाल कर जहाज के पिछले हिस्से (stern) पर फायरिंग की, जिससे वह जहाज स्थिर हो गया और आगे नहीं बढ़ सका। यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव था। इससे पहले 2 नवंबर, 2026 को वाशिंगटन ने केशम द्वीप पर एक "सीमित और रक्षात्मक" हमला किया था।
8 नवंबर, 2026 तक अमेरिकी या ईरानी अधिकारियों में से किसी ने भी दक्षिणी ईरानी तट पर हुए इन ताजा धमाकों से हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है।