ईरान के केशम द्वीप पर 5 धमाके, बंदर लेंगेह के पास समुद्र से भी आवाजें आईं
दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप और बंदर लेंगेह के पास कई धमाके हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष जारी है।

दक्षिणी ईरान: ईरान के दक्षिणी इलाकों में 3 नवंबर, 2026 को कई जोरदार धमाकों की खबरें आई हैं। ये विस्फोट मुख्य रूप से केशम द्वीप और तटीय शहर बंदर लेंगेह के पास हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने केशम द्वीप पर एक के बाद एक पांच धमाकों की जानकारी दी है। वहीं, अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि बंदर लेंगेह के पास समुद्र से धमाकों की आवाजें आई हैं। स्थानीय निवासियों ने केशम द्वीप के ऊपर विमानों को उड़ते हुए देखा है।
प्रांतीय अधिकारियों ने अभी तक इन धमाकों के कारणों की पुष्टि नहीं की है। साथ ही, किसी तरह के नुकसान या हताहतों के बारे में भी कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी, 2026 से सैन्य संघर्ष चल रहा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स ने हाल ही में दावा किया कि उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के जरिए केशम द्वीप के पास दो अमेरिकी MQM-170 टोही ड्रोन गिराए हैं। इसके अलावा, 호र्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पूर्व में एक नए एयर डिफेंस सिस्टम से अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को भी मार गिराया गया है।
अमेरिका ने दक्षिणी ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी जारी रखी हुई है। तेहरान का कहना है कि किसी भी राजनयिक समाधान के लिए इस नाकाबंदी और मौजूदा प्रतिबंधों को हटाना जरूरी है।
तनाव को कम करने के लिए कतर, पाकिस्तान और चीन मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बातचीत के जरिए समझौता संभव है, लेकिन उन्होंने सैन्य विकल्पों के खुले होने की बात भी दोहराई है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चर्चाओं में प्रगति का जिक्र किया, लेकिन ईरान के अप्रत्याशित व्यवहार पर चिंता जताई।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि गहन राजनयिक बातचीत चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी औपचारिक समझौता वाशिंगटन द्वारा ईरान की शर्तों को मानने पर निर्भर करेगा। अल जजीरा के मोहम्मद वल के मुताबिक, क्षेत्रीय तनाव के बीच तेहरान और वाशिंगटन के बीच मतभेद बरकरार हैं।