पाकिस्तान और PoK के लोग भी भारत में शामिल होना चाहते हैं, फडणवीस ने फारूक अब्दुल्ला को घेरा
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पाकिस्तान और PoK के लोग भी भारत में शामिल होना चाहते हैं।

नवी मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला के बयानों पर तीखा हमला बोला है। फडणवीस ने कहा कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoK) में रहने वाले लोग भी अब भारत का हिस्सा बनना चाहते हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि पड़ोसी देश के नागरिक बुनियादी खाने-पीने की चीजों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बार-बार पाकिस्तान की तारीफ करते नहीं थकते, लेकिन अगर वे वहां के मौजूदा हालात देखें तो उन्हें पता चलेगा कि लोग कितनी मुश्किल में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा है और यह सुरक्षित और समृद्ध है। उसे देश के भीतर सम्मान मिलता है। फडणवीस के मुताबिक, पाकिस्तान और खासकर PoK के लोगों की इच्छा अब भारत में शामिल होने की है।
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने भी फारूक अब्दुल्ला के बयानों को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को यह समझना चाहिए कि उनका बेटा उमर अब्दुल्ला भारतीय लोकतंत्र की वजह से ही जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री बने हैं।
चिश्ती ने आगे कहा कि पाकिस्तान दशकों से कश्मीर में आतंकवाद के लिए जिम्मेदार रहा है, जिसकी वजह से अनगिनत मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों को सिर्फ नुकसान पहुंचाया है।
बीजेपी नेता बृज भूषण शरण सिंह ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि PoK हमेशा भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा। भारत सरकार इसे देश का अटूट हिस्सा मानती है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब फारूक अब्दुल्ला ने बारामूला में एक कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में दावा किया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दा उठाकर वहां के लोगों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या कश्मीरी दिल्ली से न्याय की उम्मीद कर सकते हैं।