यमन: फ़जर अल-यमन अभियान में 1,150 से ज़्यादा हूथी लड़ाके ढेर होने का दावा

यमन: यमन की सेना ने फ़जर अल-यमन (यमन का सवेरा) अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई का ब्योरा जारी किया है। सेना के मुताबिक़ इस अभियान में 1,150 से ज़्यादा हूथी मिलिशिया के लड़ाके निष्प्रभावी किए गए हैं। यह आंकड़ा सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने 10 अक्टूबर 2026 को पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट के साथ सार्वजनिक किया।
सेना का कहना है कि इस दौरान 1,900 से ज़्यादा सटीक निशाना लगाने वाली कार्रवाइयां की गईं। इनमें हूथी ठिकानों के हथियार और गोला-बारूद के भंडार, किलेबंदी, सैन्य शिविर, चेक पॉइंट और लोगों के जमावड़े वाले इलाक़े निशाने पर थे। कर्नल नुज़ैली के मुताबिक़ सरकारी बलों ने 180 से ज़्यादा लड़ाकू, परिवहन और आपूर्ति वाहनों को या तो नष्ट कर दिया या भारी नुकसान पहुंचाया।
ज़मीनी हालात और अहम ठिकाने
हूथी नियंत्रण वाले इलाक़ों के अंदर गहराई तक मौजूद कुछ हाई-वैल्यू सैन्य ठिकानों पर भी हमले हुए हैं। इसी बीच ज़मीनी बलों ने रणनीतिक महत्व के कुछ इलाक़ों पर बढ़त हासिल करने का दावा किया है। सेना के अनुसार ऑपरेशन शुरू होने के बाद से बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य पर सरकारी नियंत्रण सुरक्षित किया गया है और ढुबाब हवाई अड्डे पर कब्ज़ा किया गया है।
यह अभियान 5 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ था। इसमें सदर्न जाइंट ब्रिगेड्स और नेशनल शील्ड फ़ोर्सेज़ शामिल हैं, और उन्हें सऊदी अगुवाई वाले गठबंधन का समर्थन मिल रहा है। इससे पहले इस महीने की 4 तारीख़ को हुई कार्रवाई में 700 हूथी हताहत होने की बात कही गई थी, यानी संघर्ष लगातार तेज़ होता दिख रहा है।
इलाक़े की सुरक्षा स्थिति अब भी अस्थिर है। यमन के गृह मंत्रालय ने 10 अक्टूबर को बताया कि ताइज़ प्रांत में हूथी गोलाबारी से कम से कम दो नागरिकों की मौत हुई और 16 अन्य घायल हुए। वहीं 22वीं मेका ब्रिगेड ने अल-शक़ब में हूथी हमले को नाकाम करने की पुष्टि की है, जिसमें 25 से ज़्यादा हूथी लड़ाके मारे गए। सरकारी बल मारिब और शबवा प्रांतों में हवाई सहायता, ड्रोन हमलों, तोपखाने और ज़मीनी हमलों के ज़रिये दबाव बनाए हुए हैं।