उत्तरी साइप्रस में हुआ बड़ा समुद्री हादसा, फेry डूबने से 8 लोगों की मौत और 18 लोग लापता.

उत्तरी साइप्रस के तट पर एक दर्दनाक समुद्री हादसा हुआ है, जहाँ रविवार 30 अगस्त 2026 को कैटामरान स्टाइल की फेरी 'Filo Jet' अचानक समुद्र में डूब गई। इस दुखद घटना के समय जहाज पर कुल 267 लोग सवार थे, जिनमें 259 यात्री और 8 क्रू मेंबर शामिल थे। यह फेरी स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे किरेनिया (Girne) से तुर्की के तासुचु (Taşucu) के लिए रवाना हुई थी, लेकिन सफर शुरू होने के मात्र 15 मिनट बाद ही जहाज में पानी भरना शुरू हो गया। देखते ही देखते यह फेरी पूरी तरह से समुद्र में 514 मीटर (1,686 फीट) की गहराई तक डूब गई। इस हृदय विदारक दुर्घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है और प्रशासन राहत व बचाव कार्य में पूरी तरह जुट गया है।
आधिकारिक पुष्टि और राहत एवं बचाव अभियान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है जबकि 18 लोग अभी भी लापता हैं। हालांकि, राहत और बचाव टीमों ने अपनी सूझबूझ और तेजी दिखाते हुए 237 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया है। इस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में तुर्की गणराज्य के उत्तरी साइप्रस (TRNC) की कोस्टगार्ड कमांड, सुरक्षा बल कमांड और तुर्की नौसेना के जहाजों ने मिलकर काम किया। इस बड़ी त्रासदी के बाद TRNC मंत्रिपरिषद ने एहतियात के तौर पर तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है, ताकि पीड़ितों के परिवारों को सांत्वना दी जा सके।
आधिकारिक जांच और क्रू की गिरफ्तारी
तुर्की साइप्रस के प्रधानमंत्री उनाल उस्तेल ने इस घटना को साइप्रस के इतिहास की सबसे खराब समुद्री त्रासदी करार देते हुए इसकी उच्च स्तरीय आधिकारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। TRNC के राष्ट्रपति तुफान एर्हुरमान ने जानकारी दी कि घटना के समय मौसम खराब नहीं था, फिर भी हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। वहीं, TRNC के परिवहन मंत्री एरहान अरिक्ली ने बताया कि मंत्रालय बचे हुए यात्रियों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की भी जांच कर रहा है। यात्रियों का आरोप है कि निकासी के दौरान जहाज के दरवाजे बंद कर दिए गए थे और कप्तान जहाज को बीच में ही छोड़कर भाग गया था। इन गंभीर शिकायतों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कप्तान और सात अन्य क्रू सदस्यों को हिरासत में ले लिया है ताकि पूछताछ को आगे बढ़ाया जा सके।
यात्रियों के अलग-अलग बयान और नेताओं की प्रतिक्रिया
इस हादसे से बचे लोगों ने अलग-अलग और हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। कुछ यात्रियों ने जहाज के अगले हिस्से में किसी धमाके की आवाज सुनी और जहाज को अजीब तरह से हिलते हुए देखा, जबकि कुछ अन्य लोगों का मानना था कि पानी के साथ तेज टक्कर के कारण जहाज में तुरंत पानी भरना शुरू हो गया था। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस फेरी की रवानगी खराब मौसम के चलते पिछले शनिवार से ही टाल दी गई थी। इस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगान ने बचाव कार्यों के लिए हरसंभव मदद देने का वादा किया है, और साइप्रस गणराज्य ने भी अपनी तरफ से तुरंत सहायता की पेशकश की है। अल जजीरा के संवाददाता रसुएल सरदार अतास इस पूरी घटना और लापता 18 लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन की पल-पल की खबरें दे रहे हैं।