अबू धाबी बिग टिकट जैकपॉट जीतकर चमकी इस प्रवासी की किस्मत

Pankhuri Motani4 October 20262 min read0 viewsUAE
अबू धाबी बिग टिकट जैकपॉट जीतकर चमकी इस प्रवासी की किस्मत

किस्मत कब और किस पर मेहरबान हो जाए, यह कोई नहीं जानता। कई बार सालों की उम्मीद और लगातार कोशिशें रंग लाती हैं, और ऐसा ही कुछ हुआ दुबई में रहने वाले एक फिलिपीनो नागरिक के साथ। अबू धाबी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध बिग टिकट ड्रॉ में एक बार फिर प्रवासी नागरिकों की किस्मत का सितारा बुलंद नजर आया है। इस बार एक साधारण बेकरी कर्मचारी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ऐसा इनाम जीता है, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।

15 साल की लगातार कोशिशों का मिला फल

यूएई में लंबे समय से रह रहे 61 वर्षीय रेनाल्डो हर्बसो (Reynaldo Herboso) के जीवन में वह सुनहरा पल तब आया जब उन्होंने बिग टिकट सीरीज 289 का ग्रैंड प्राइज अपने नाम किया। हर्बसो साल 1988 से दुबई में रह रहे हैं और वहां केक डेकोरेशन का काम करते हैं। उन्होंने अपने 10 दोस्तों के एक समूह के साथ मिलकर पिछले 15 सालों से लगातार टिकट खरीदने का सिलसिला जारी रखा था। उनके इस लंबे संघर्ष और भरोसे का फल आखिरकार तब मिला जब उनके द्वारा खरीदा गया टिकट विजेता साबित हुआ।

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जब हर्बसो को यह सूचना मिली कि वे 2 करोड़ (20 मिलियन) दिरहम के मालिक बन गए हैं, तो उनके लिए इस पर यकीन करना बेहद मुश्किल था। उन्होंने अपनी हैरानी और खुशी जाहिर करते हुए कहा कि क्या सच में उन्होंने यह इनाम जीत लिया है? उनके इस बड़े इनाम को उनके समूह के 10 अन्य दोस्तों के साथ बराबर बांटा जाएगा, जिसमें फिलीपींस, भारत और बांग्लादेश के लोग शामिल हैं। इस तरह हर हिस्सेदार को 20 लाख दिरहम मिले हैं। हर्बसो का कहना है कि वे इस राशि का इस्तेमाल अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए करेंगे, हालांकि वे अपनी नौकरी जारी रखना चाहते हैं।

अबू धाबी बिग टिकट का रोमांच

अबू धाबी में हर महीने होने वाला यह लकी ड्रॉ प्रवासियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। नियम के अनुसार, इसमें भाग लेने वाले की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और विजेता को अपना चेक लेने के लिए अबू धाबी कार्यालय पहुंचना होता है। इस सीरीज की सफलता के बाद हाल ही में एक अन्य ड्रॉ में भी एक और फिलिपीनो नागरिक बरनाडेत् अजुसेना ने भी इतनी ही बड़ी राशि जीती है। इन लकी ड्रॉ ने साबित कर दिया है कि सपनों की नगरी में उम्मीद का दामन कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

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