Fitch Ratings ने की कुवैत की रेटिंग की पुष्टि, भविष्य की पीढ़ियों के फंड में हुआ बदलाव.

Praggya Singh sabal20 September 20262 min read0 viewsKuwait
Fitch Ratings ने की कुवैत की रेटिंग की पुष्टि, भविष्य की पीढ़ियों के फंड में हुआ बदलाव.

अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings ने कुवैत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा अपडेट दिया है। एजेंसी ने देश की लंबी अवधि की साख यानी Long-Term Issuer Default Ratings को 'AA-' पर बरकरार रखा है और इसके साथ ही आउटलुक को स्थिर यानी stable बताया है। इस फैसले के पीछे देश की मजबूत वित्तीय स्थिति और बाहरी बैलेंस शीट मुख्य वजह रही है। कुवैत सरकार के इन आर्थिक कदमों से देश के नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों पर भी सीधा असर पड़ता है।

फ्यूचर जनरेशन फंड नियमों में बदलाव

यह पुष्टि 1 सितंबर 2026 को लागू किए गए डिक्री-लॉ नंबर 81 के बाद आई है, जिसके तहत Future Generations Fund (FGF) के नियमों में संशोधन किया गया है। इस नए कानूनी बदलाव के बाद अब कुवैत सरकार को संप्रभु धन कोष से उधार लेने की अनुमति मिल गई है। इसका मुख्य उद्देश्य जनरल रिजर्व फंड को मजबूत करना और देश की अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Central Bank of Kuwait की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

उधार लेने की नई सीमाएं और शर्तें

नए नियमों के तहत कर्ज लेने के लिए मंत्रिपरिषद की मंजूरी जरूरी होगी, जो कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के प्रमुख मंत्री के प्रस्ताव पर आधारित होगी। कानून में साफ कहा गया है कि सालाना उधार पिछले पांच साल के औसत रिटर्न के 100% से ज्यादा नहीं हो सकता है। इसके अलावा, कुल बकाया लोन फंड के शुद्ध संपत्ति मूल्य के 10% तक ही सीमित रहेगा। लिए गए कर्ज को देश के सरप्लस पैसों से चुकाया जाना अनिवार्य है और फंड के मूलधन को पूरी कानूनी सुरक्षा दी गई है।

Metric / Indicator Percentage / Value
Sovereign Net Foreign Assets (2026) 668% of GDP
Projected Government Debt (FY 2028) 38% of GDP
Projected 'AA' Median Debt 51.5% of GDP
Finance and Liquidity Law Limit 30 billion dinars

सार्वजनिक कर्ज और वित्तीय चुनौतियां

फिच रेटिंग्स का मानना है कि इस तरह की वित्तीय लचीलापन नीतियों से सार्वजनिक कर्ज बढ़ने की रफ्तार धीमी हो सकती है। हालांकि, विश्लेषकों का यह भी कहना है कि बार-बार इस फंड पर निर्भर रहने से जरूरी सुधारों की रफ्तार धीमी हो सकती है। कुवैत के पास दुनिया में सबसे ज्यादा संप्रभु शुद्ध विदेशी संपत्ति है, जो साल 2026 में अनुमानित तौर पर जीडीपी का 668% है। एजेंसियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2028 के अंत तक देश का सरकारी कर्ज जीडीपी का 38% तक पहुंच सकता है, जो 'AA' श्रेणी के अन्य देशों के औसत 51.5% से काफी कम है। सरकार के पास मार्च 2025 के वित्त कानून के तहत 30 बिलियन दीनार तक कर्ज जारी करने का विकल्प भी मौजूद है। इन तमाम सकारात्मक पहलुओं के बावजूद देश में तेल पर अधिक निर्भरता, भारी-भरकम सार्वजनिक क्षेत्र और महंगी कल्याणकारी योजनाएं जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

Share:

Comments

Leave a comment