फ्लाईदुबई विमान को क्रैश करने की साजिश, भारतीय कैप्टन की बहादुरी से टला बड़ा हादसा

Aanya2 October 20262 min read0 viewsUAE
फ्लाईदुबई विमान को क्रैश करने की साजिश, भारतीय कैप्टन की बहादुरी से टला बड़ा हादसा

आसमान में उड़ते हुए एक कमर्शियल विमान के अंदर जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया के एविएशन सेक्टर को हिलाकर रख दिया है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान एक भयानक सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। विमान जब इजरायली एयरस्पेस के करीब पहुंच रहा था, तभी ओमान के एक को-पायलट ने विमान को गिराने की खतरनाक कोशिश की। इस खौफनाक वाकये में भारतीय कैप्टन की सूझबूझ और अदम्य साहस ने 180 लोगों की जान बचा ली।

पैरों से कंट्रोल तोड़ने की कोशिश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, को-पायलट ने उड़ान के दौरान अचानक भारतीय कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में बताया कि हमलावर को-पायलट अपनी सीट पर नहीं था, बल्कि वह विमान के कंट्रोल्स पर खड़ा होकर अपने पैरों से उन्हें नष्ट करने की कोशिश कर रहा था। उसका मुख्य उद्देश्य विमान को नीचे गिराना और एक बड़ा हादसा को अंजाम देना था। हालांकि, घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू सदस्यों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

यात्रियों और क्रू की बहादुरी

कॉकपिट के भीतर मची अफरा-तफरी के बीच यात्रियों और फ्लाइट अटेंडेंट्स ने असाधारण साहस दिखाया। उन्होंने ईयरफोन की तारों और प्लास्टिक कफ की मदद से हमलावर को जमीन पर काबू में किया। विमान में मौजूद दो अन्य नॉन-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कमान संभाली और सऊदी अरब के तबुक शहर में विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। इस विमान में कुल 180 लोग सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। हमले में भारतीय कैप्टन और कुछ अन्य क्रू सदस्यों को चोटें आईं, जिनका अस्पताल में इलाज कराया गया।

इस्लामी कट्टरपंथ से जुड़ाव का शक

जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि ओमान में जन्मा और वहां की नागरिकता रखने वाला यह को-पायलट कथित तौर पर इस्लामी कट्टरपंथ से प्रेरित था। पूछताछ में सामने आई व्यक्तिगत जानकारियों के आधार पर अधिकारियों का मानना है कि उसने कट्टरपंथी विचारधारा की ट्रेनिंग ली थी। फिलहाल, इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश के पीछे और कौन लोग शामिल थे। भारतीय कैप्टन की दिलेरी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कठिन समय में सही फैसला कितनी बड़ी आपदा को टाल सकता है।

Share:

Comments

Leave a comment