Flydubai Cockpit Attack: इजरायल ने दी बड़ी चेतावनी

हाल ही में हुई flydubai cockpit attack की घटना ने पूरी दुनिया की एविएशन सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस गंभीर मामले पर इजरायल की पूर्व उप विदेश मंत्री शर्रेन हास्केल ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर सूझबूझ से काम नहीं लिया जाता, तो यह हमला तेल अवीव में '9/11' जैसी किसी बड़ी तबाही में बदल सकता था। इस पूरी घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा के समीकरणों पर नए सिरे से विचार किया जा रहा है।
एक टला हुआ बड़ा विमान हादसा
शर्रेन हास्केल ने एक इंटरव्यू के दौरान बातचीत करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उड़ान के दौरान कॉकपिट में जो कुछ हुआ, वह बेहद खतरनाक था। अगर विमान में मौजूद कैप्टन और अन्य साहसी लोगों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया होता, तो यह विमान किसी घनी आबादी वाले इलाके या महत्वपूर्ण इमारतों पर क्रैश हो सकता था। इस विमान में 23 बच्चों समेत कई यात्री सवार थे, जिनकी जान भगवान भरोसे ही बची। इस संभावित बड़ी दुर्घटना को टालने का श्रेय उन लोगों को जाता है जिन्होंने बेहद कम समय में बहादुरी का परिचय दिया।
कट्टरपंथी ताकतों और ईरान की भूमिका पर सवाल
इस हमले के पीछे की साजिश के बारे में बात करते हुए पूर्व इजरायली मंत्री ने कहा कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि इसके तार ईरान की कट्टरपंथी ताकतों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई और निवारक कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके। उनका मानना है कि कमजोर पड़ती ईरानी हुकूमत क्षेत्र में अपनी साख बचाने के लिए इस तरह के असामान्य और खतरनाक रास्ते अपना रही है।
क्षेत्रीय शांति और रिश्तों में खटास डालने की कोशिश
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस तरह के हमलों का मुख्य उद्देश्य इजरायल और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते diplomatic ties और शांति समझौतों को कमजोर करना है। हालांकि, इजरायली अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की आक्रामकता क्षेत्रीय देशों को एक-दूसरे के और करीब ला रही है ताकि मिलकर सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। विमानन सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से यह घटना आने वाले समय में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।