फ्लाईदुबई विमान हमला: को-पायलट के पास मिले 'फ्री फिलिस्तीन' के परचे

फ्लाईदुबई विमान के कॉकपिट में हुए हमले के बाद ओमान के को-पायलट के पास से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का खुलासा हुआ है।

Vandana Upadhyay2 October 20262 min read97 viewsOman
फ्लाईदुबई विमान हमला: को-पायलट के पास मिले 'फ्री फिलिस्तीन' के परचे

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान हुए सनसनीखेज सुरक्षा संकट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं, और अब इजरायली मीडिया ने एक बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ओमान के को-पायलट के पास से 'फ्री फिलिस्तीन' समूहों के पर्चे और अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामग्रियां बरामद हुई हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वह आरोपी पायलट फिलिस्तीन के समर्थन में और इजरायल के खिलाफ विचार रखता था।

कॉकपिट के भीतर की खौफनाक दास्तान

यह घटना 30 सितंबर की है, जब दुबई से उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट जब इजरायली हवाई क्षेत्र के करीब थी, तब को-पायलट ने कथित तौर पर विमान के कमांडर पर हमला कर दिया। इस हमले का मकसद विमान को गिराना बताया जा रहा है। हमले के बाद विमान अचानक से केवल दो मिनट के भीतर लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया था, जिससे विमान में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छड़ ने बहादुरी दिखाते हुए हमलावर का डटकर मुकाबला किया।

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कैप्टन का साथ विमान के अन्य क्रू मेंबर और यात्रियों ने दिया, जिन्होंने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू में किया। इसके बाद विमान की साउदी अरब के तबुक में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे विमान में सवार सभी 180 लोग सुरक्षित बच गए। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक साक्षात्कार में बताया कि क्रू सदस्यों ने बड़ी सूझबूझ दिखाते हुए ईयरफोन के तारों और प्लास्टिक कफ की मदद से हमलावर को जमीन पर बांध दिया था।

आतंकी साजिश और कट्टरपंथ की आशंका

इजरायली अधिकारियों और जांचकर्ताओं का मानना है कि इस घटना के पीछे इस्लामिक कट्टरपंथ और आतंकवादी मकसद हो सकता है। इजरायली रक्षा मंत्री ने इस घटना को एक 'जिहादी आतंकी हमला' करार दिया है। वहीं, ओमान के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमलावर ओमान में पैदा हुआ था और उसके पास ओमान की नागरिकता थी। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इस सुरक्षा चूक और इसके पीछे के असली षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके।

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