UAE प्रोसीक्यूटर्स का खुलासा: फ्लाईदुबई को-पायलट ने की 9/11 जैसा हमला करने की कोशिश

Mohd. Irfan10 October 20262 min read0 viewsUAE
UAE प्रोसीक्यूटर्स का खुलासा: फ्लाईदुबई को-पायलट ने की 9/11 जैसा हमला करने की कोशिश

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल हमाद सैफ अल-शमसी ने एक चौंकाने वाले खुलासे में पुष्टि की है कि फ्लाईदुबई के एक को-पायलट ने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर एक आत्मघाती हमला करने की साजिश रची थी। यह हमला अमेरिका के 9/11 आतंकी हमले की तर्ज पर किया जाना था, जिसमें विमान को सीधे पैसेंजर टर्मिनल से टकराकर भारी तबाही मचाने का इरादा था।

यह खौफनाक घटना 30 सितंबर 2026 को घटी, जब फ्लाईट FZ1073 के को-पायलट, 29 वर्षीय ओमान निवासी हमम अल-हम्मामी ने अचानक विमान के पायलट कैप्टन स्मित मछाड़ पर कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले के बीच कैप्टन मछाड़ ने सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों को अंदर आने और हमलावर को रोकने का मौका मिला। इस संघर्ष के दौरान विमान एक मिनट से भी कम समय में 14,000 से 17,000 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया था, जिससे विमान में सवार सभी लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी।

कट्टरपंथ और साजिश की गहराई

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जांच में सामने आया है कि अल-हम्मामी ने इस हमले के लिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया था। उसने स्वीकार किया कि वह चरमपंथी प्रचार से प्रभावित था और हमले के लिए बॉक्सिंग की ट्रेनिंग भी ले रहा था। वह पहले दो बार बेन गुरियन एयरपोर्ट की उड़ानों में शामिल रहा ताकि वह फ्लाइट पाथ और एयरपोर्ट के लेआउट का बारीकी से अध्ययन कर सके। उसने जुलाई में ही हमला करने की सोची थी, लेकिन क्रू में एक दोस्त की मौजूदगी के कारण उसने इसे टाल दिया।

हैरानी की बात यह है कि अल-हम्मामी के कट्टरपंथी विचारों के संकेत 2017 में तब मिल गए थे जब वह ऑस्ट्रेलिया के रॉयल मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में छात्र था। इसके बावजूद, फ्लाईदुबई की भर्ती प्रक्रिया में उसकी लाइसेंसिंग और आचरण प्रमाण पत्र की जांच के दौरान इन रेड फ्लैग्स को नजरअंदाज कर दिया गया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे एक नाकाम 'जिहादी आतंकी हमला' करार दिया है। उन्होंने बताया कि इजरायली सेना विमान को मार गिराने के लिए तैयार थी ताकि एक बड़ी आपदा को रोका जा सके, भले ही विमान में 166 इजरायली यात्री सवार थे। वर्तमान में UAE इस मामले की औपचारिक जांच कर रहा है, जिसमें इजरायली खुफिया एजेंसी शिन बेट सहयोग कर रही है, जबकि सऊदी अरब ने इमरजेंसी लैंडिंग के बाद एक स्वतंत्र सुरक्षा जांच शुरू की है।

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