फ्लाईदुबई के कॉपायलट हममाम अलहमामी पर चरमपंथी सोच का खुलासा

आसमान की ऊंचाइयों पर उड़ रहे एक विमान के अंदर क्या हुआ होगा, जब कॉकपिट के भीतर ही सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा पैदा हो गया? दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान एक भारतीय पायलट पर हुए जानलेवा हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज घटना के मुख्य आरोपी और ओमान के कॉपायलट की पहचान अब हममाम अलहमामी के रूप में हुई है, जिसके बारे में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं।
सीरिया कनेक्शन और कट्टरपंथी सोच
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी कॉपायलट अलहमामी ने अपने जीवन का अधिकांश समय सीरिया में बिताया था, जहां वह कथित तौर पर चरमपंथी विचारों के संपर्क में आया था। ओमान के विमानन क्षेत्र से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उसकी संदिग्ध और कट्टरपंथी विचारधारा के कारण उसे पहले भी उड़ान भरने से रोका गया था। हालांकि इसके बावजूद उसे एयरलाइन में दूसरी भूमिका मिल गई और बाद में उसने फ्लाईदुबई जॉइन किया, जहां वह सिर्फ आठ महीनों से काम कर रहा था।
भारतीय कैप्टन की बहादुरी ने टाला बड़ा हादसा
यह डरावनी घटना 30 सितंबर को हुई, जब विमान आसमान में था। ओमान के इस कॉपायलट ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मीथ मच्छड़ पर कॉकपिट के अंदर अचानक हमला कर दिया। इस हमले का मकसद कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना था। हमले के चलते विमान ने महज दो मिनट के भीतर करीब 16,000 फीट की अचानक गोताखोरी (स्टील डिसेंट) लगाई और हाईजैकिंग का संकट सिग्नल भेजा गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन स्मीथ मच्छड़ ने अपनी जान की परवाह न करते हुए हमलावर का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद विमान में मौजूद अन्य क्रू मेंबर और यात्रियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर हमलावर को काबू में कर लिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है। जांच के दौरान ओमान के कॉपायलट के सामान से फिलिस्तीन समर्थक सामग्रियां और पर्चे भी बरामद किए गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस देश (ओमान) के इजराइल के साथ कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, वहां के नागरिक को तेल अवीव जाने वाली उड़ान के कॉकपिट में कैसे जगह मिल गई। इजरायली खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे सुरक्षा चूक की गहराई से जांच कर रही हैं।
फिलहाल, सूबे के सऊदी अरब के तबुक में विमान की आपातकालीन लैंडिंग कराई गई, जिसमें सभी 180 यात्री सुरक्षित बच गए। अपनी अदम्य साहस और सूझबूझ से सैकड़ों जिंदगियां बचाने वाले कैप्टन स्मीथ मच्छड़ को अब पूरी दुनिया में एक असली हीरो के रूप में याद किया जा रहा है।