Flydubai कॉकपिट हमला: ओमान के को-पायलट की कट्टरपंथी सोच का बड़ा खुलासा

Nura Basta3 October 20262 min read0 viewsUAE
Flydubai कॉकपिट हमला: ओमान के को-पायलट की कट्टरपंथी सोच का बड़ा खुलासा

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान (Flydubai Flight) के दौरान हवा में हुए खौफनाक हमले की जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। भारतीय पायलट कैप्टन स्मीथ मच्छड़ (Captain Smit Machchhar) को निशाना बनाने वाले ओमान के को-पायलट की कट्टरपंथी सोच और अल-कायदा (Al Qaeda) की विचारधारा से जुड़े तार अब पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं। इस सनसनीखेज घटना ने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या था पूरा मामला और कैसे टला बड़ा हादसा?

यह घटना 30 सितंबर की है, जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रही थी। उड़ान के दौरान ओमान के नागरिक और को-पायलट हम्मम अलहमामी ने अचानक कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मीथ मच्छड़ पर हमला कर दिया। इस खतरनाक हमले के कारण विमान अचानक महज दो मिनट के भीतर करीब 16,000 फीट नीचे आ गया और विमान से हाईजैकिंग का डिस्ट्रेस सिग्नल भी भेजा गया।

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गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छड़ ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी दिखाते हुए हमलावर का डटकर मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद फ्लाइट क्रू, यात्रियों और विमान में यात्रा कर रहे दो अन्य पायलटों की मदद से हमलावर को काबू में किया गया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई, जिससे विमान में सवार सभी 180 लोग बाल-बाल बच गए।

सीरिया कनेक्शन और कट्टरपंथ की राह

मीडिया रिपोर्ट्स और जांचकर्ताओं के अनुसार, इस हमले के पीछे गहरी साजिश और कट्टरपंथ का इतिहास जुड़ा है। इस्राइल के चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में पता चला है कि को-पायलट अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित था और उसने कई धार्मिक हस्तियों से मुलाकात की थी। अल अरबिया इंग्लिश के सूत्रों के अनुसार, अलहमामी ने अपने जीवन का काफी समय सीरिया में बिताया था, जहां वह कथित तौर पर चरमपंथी विचारों के संपर्क में आया था।

ओमान में भी उसके extremist विचारों के चलते पहले ही विमान चलाने पर प्रतिबंध लगाया जा चुका था। सीएनएन और फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि ओमान एयर ने कट्टर इस्लामिक वेबसाइटों पर उसकी गतिविधियों को देखने के बाद उसे 2024 में ग्राउंड कर दिया था। हालांकि, बाद में वह दुबई आ गया और फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर रख लिया, बिना उसके पिछले रिकॉर्ड की ठीक से जांच किए।

इस्राइल में विमान क्रश करने की थी साजिश

जांच से जुड़े सूत्रों का हवाला देते हुए इस्राइल के i24NEWS ने बताया कि को-पायलट ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसका इरादा विमान को इस्राइल में क्रश करने का था। अगर उसकी यह साजिश कामयाब हो जाती, तो यह 9/11 जैसी एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एयरलाइंस द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी पृष्ठभूमि की जांच (vetting) प्रक्रिया पर दुनिया भर में बहस छिड़ गई है।

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