flydubai को-पायलट ने तेल अवीव एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमले की साजिश कबूली

दुबई से तेल अवीव जा रहे एक विमान में उस वक्त हड़कंप मच गया जब विमान के ही को-पायलट ने 9/11 जैसे आत्मघाती हमले की योजना बनाई। यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्स ने खुलासा किया है कि 29 वर्षीय को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाने की कोशिश की थी। यह खौफनाक घटना 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 में घटी, जिसमें करीब 174 यात्री सवार थे और उनमें से ज्यादातर इजरायली नागरिक थे।
जांच के मुताबिक, हम्माम अल-हम्मामी ने कॉकपिट के अंदर मौजूद भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छड़ पर इमरजेंसी क्रैश कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले के कारण बोइंग 737 विमान तेजी से नीचे गिरने लगा और उसकी ऊंचाई करीब 16,000 फीट तक कम हो गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन स्मित मच्छड़ ने बहादुरी दिखाते हुए कॉकपिट का मजबूत दरवाजा खोल दिया। इसके बाद ऑफ-ड्यूटी रिलीफ पायलट, केबिन क्रू और यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को आपातकालीन स्थिति में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया, जिससे सभी 174 यात्रियों की जान बच गई।
कट्टरपंथ और साजिश की पूरी कहानी
जांच में यह बात सामने आई है कि हम्माम अल-हम्मामी 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित हुआ था। उसने चरमपंथी साहित्य पढ़ा और 9/11 के आतंकी हमलों का महिमामंडन करने वाली सामग्री का अध्ययन किया। वह शारीरिक रूप से खुद को तैयार करने के लिए बॉक्सिंग जैसी ट्रेनिंग भी ले रहा था। इतना ही नहीं, उसने इस हमले को अंजाम देने के लिए दुबई-तेल अवीव रूट की दो पिछली उड़ानों के दौरान रेकी भी की थी।
हम्मामी का बैकग्राउंड काफी जटिल है; वह यूएई में ओमान के पिता और सीरियाई मां की संतान है। उसने 2020 से 2024 तक ओमान एयर में काम किया, जहां कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री के कारण उसे उड़ान भरने से रोका गया था। इसके बाद उसने रॉयल एयर मोरक्को के साथ ट्रेनिंग ली और जनवरी 2026 में flydubai में शामिल हुआ। हैरानी की बात यह है कि वह एयरलाइन की सुरक्षा जांच में बिना किसी समस्या के पास हो गया था। फिलहाल वह यूएई की हिरासत में है और उसने खुद को 'लोन वुल्फ' बताया है, हालांकि अधिकारी अब भी बाहरी संपर्कों की तलाश कर रहे हैं।