Flydubai terror probe launched in Australia

हवाई सफर की सुरक्षा को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना के बाद अब जांच का दायरा ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच गया है। हाल ही में हुई फ्लाईदुबई (Flydubai) की एक उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए खतरनाक हमले के मामले में ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। यह कदम तब उठाया गया जब यह खुलासा हुआ कि इस घटना को अंजाम देने वाला को-पायलट एक समय ऑस्ट्रेलिया में रह चुका है और वहां पढ़ाई भी कर चुका है।
घटना 30 सितंबर की है, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 हवा में थी। ओमान के रहने वाले 29 वर्षीय को-पायलट हम्मम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट की कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मीथ मच्छार पर हमला कर दिया और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। इस दौरान विमान ने महज 30 सेकंड में 16,000 फीट से अधिक की गिरावट दर्ज की। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने फ्लाइट डेक का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर ने हमलावर को काबू में कर लिया। दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में लैंड कराया गया।
अब इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों की एंट्री हो गई है। द गार्जियन और द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस (AFP), विक्टोरिया पुलिस और ASIO की संयुक्त काउंटर टेररिज्म टीम (VIC JCTT) ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या आरोपी के ऑस्ट्रेलिया से जुड़े तार थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल-हम्मामी को 2014 में ऑस्ट्रेलियाई स्टूडेंट वीजा मिला था और उसने 2015 से 2017 के बीच वहां पढ़ाई की थी। बाद में 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था क्योंकि वह किसी पाठ्यक्रम में नामांकित नहीं था।
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आरोपी का कट्टरपंथ से जुड़ाव ऑस्ट्रेलिया में रहने के दौरान हुआ था। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि उसका इरादा विमान को जानबूझकर गिराने का था। इस बीच, यूएई, सऊदी अरब और इजराइल के अधिकारी भी यह खंगाल रहे हैं कि क्या उसने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया या इसके पीछे किसी बाहरी संगठन का हाथ था। अधिकारियों का ध्यान सीरियाई पृष्ठभूमि और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों पर भी है, जिससे उसकी मानसिकता का आकलन किया जा सके।